मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा के साथ हुई अपहरण और डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में सात शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले सड़क पर लिफ्ट मांगकर कार रुकवाई और फिर भाजपा नेता को बंधक बनाकर जंगल में ले जाकर लूटपाट की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 5.97 लाख रुपये का मशरूका, हथियार और तीन दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
लिफ्ट मांगने वाली युवती निकली गिरोह की सदस्य
जानकारी के मुताबिक 10 मई को दीपक शर्मा भोपाल से राजगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान कुरावर थाना क्षेत्र के तीज बड़ली इलाके में एक युवती ने उनसे लिफ्ट मांगी। जैसे ही कार रुकी, पहले से घात लगाए 7-8 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने चाकू और हथियारों के दम पर दीपक शर्मा को बंधक बना लिया और जंगल की ओर ले गए। वहां उनके साथ मारपीट की गई और सोने की अंगूठी, राडो घड़ी, नगदी, एटीएम कार्ड और चेकबुक लूट ली गई।
खाते से निकलवाए पैसे, जान से मारने की दी धमकी
बदमाशों ने पीड़ित को डराकर बैंक खाते से पैसे भी निकलवाए और चेक पर जबरन साइन कराए। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद दीपक शर्मा ने 12 मई को कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से आरोपी गिरफ्तार
राजगढ़ एसपी अमित तोलानी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कुरावर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम को जांच में लगाया गया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने सीहोर में दबिश देकर सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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5.97 लाख का मशरूका बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 67 हजार रुपये नगद, राडो घड़ी, सोने की अंगूठी, वारदात में इस्तेमाल हथियार और तीन दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 5.97 लाख रुपये बताई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार कई आरोपियों पर पहले से हत्या, आर्म्स एक्ट और मारपीट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लिफ्ट मांगने वाली महिला भी इसी गिरोह का हिस्सा है। पूरे अपराध को हनीट्रैप के जरिए अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने पीड़ित को डरा-धमकाकर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी करवाए थे।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसपी अमित तोलानी ने बताया कि तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। राजगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है कि चाहे कोई वीआईपी हो या आम नागरिक, कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।