सागर जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर दिए जाने वाला भोजन कुछ अलग तरह का नजर आ रहा है।कहीं हरी रोटी तो कहीं लाल रोटियां बच्चों को खाने के लिए दी जा रही हैं और यह रंग-बिरंगी रोटियां बच्चों को पसंद भी आ रही हैं। दरअसल, सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने रंगीन रोटी कैंपेन शुरू करवाया है, जिससे आंगनवाड़ी के बच्चों को भरपूर पोषण मिल सके। बच्चों को स्वस्थ पोषण युक्त आहार देने के उद्देश्य से सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने रंगीन रोटी कैंपेन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी केंन्द्रों पर दिए जा रहे भोजन को और पोषण युक्त बनाने तथा केंद्र के माध्यम से कुपोषित तथा अस्वस्थ बच्चों की सेहत में सुधार लाने के लिए बच्चों के भोजन में मुनगा के पत्तों जिसे सुपर फूड के नाम से भी जाना जाता है तथा पालक के पत्तों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इसी प्रकार रोटी एवं दाल में चुकंदर, गाजर और टमाटर आदि का उपयोग कर भोजन को विटामिन से भरपूर पोषण युक्त बनाया जा सकता है।
कलेक्टर के आदेश पर आंगनवाड़ियों में पोषण से भरपूर रंगीन रोटियों को बच्चों को दिया जा रहा है और बच्चे भी उसमें रुचि दिखा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार अब जिले की आंगनवाड़ियों में पालक, मुनगा, चुकंदर जैसी पोषक वस्तुओं का समावेश किया जा रहा है। इस संबंध में सभी परियोजना अधिकारियों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश भी दे दिए गए हैं। रंगीन रोटी कैंपेन के माध्यम से बच्चों की सेहत में सुधार लाने की यह पहल आंगनवाड़ी केंद्र में शुरू कर दी गई है, जिसे बच्चे भी पसंद कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुनगा के पत्ते, फली दोनों अत्यधिक पौष्टिक होते हैं, जिसे दैनिक रूप से उपयोग में लाने पर बच्चों में कुपोषण, एनीमिया आदि की शिकायत दूर होती है। इस कैंपेन से जहां एक ओर पोषण युक्त आहार मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर रंगीन व्यंजन से बच्चों की भोजन के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।