एप्पल कंपनी के मोबाइल लेकर चले कंटेनर से ड्राइवर को बांध कर लगभग 12 करोड़ रुपयो के मोबाइल लूट मामले में सागर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वारदात बीते 15 अगस्त की है, जिसमें शनिवार को तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कंटेनर ड्राइवर हरनाथ पिता लालता प्रसाद निवासी गोहानी बांगर (कानपुर) उत्तरप्रदेश ने बांदरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है जिस पर पुलिस ने कंटेनर में सवार सिक्योरिटी गार्ड मो. वारिस पिता मुद्दीन निवासी पलवल, हरियाणा समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है
अपनी शिकायत में ड्राइवर ने बताया कि 12 अगस्त को कंटेनर क्रमांक यूपी 14 पीटी 0103 में चेन्नई स्थित आईफोन की प्रोडक्शन यूनिट से माल लोड कर दिल्ली जा रहा था। उसके कंटेनर में एप्पल कंपनी के 1600 आईफोन थे। उसके साथ में कंपनी ने गार्ड मोहम्मद वारिस पुत्र मुद्दीन निवासी मनगोरका पलवल (हरियाणा) को भेजा था। 14 अगस्त को जब गाड़ी लखनादौन के पास पहुंचने वाली थी तब गार्ड मोहम्मद वारिस ने मुझे कहा कि कंपनी के स्टाफ का एक सदस्य भी आ रहा है। जो लखनादौन से साथ में चलेगा।
14 अगस्त की शाम करीब 7.30 मो. वारिस ने लखनादौन के पास चाय के ठेले पर गाड़ी रुकवाई। यहां उसका एक साथी खड़ा था।
गार्ड ने उसे कंपनी का स्टाफ बताकर मिलवाया। वहां उसे चाय पीने के लिए दी। उसके बाद वह युवक भी गाड़ी में बैठ गया। मैं गाड़ी लेकर निकल गया। थोड़ी देर बाद झपकी आने लगी। मो. वारिस ने गाड़ी सर्विस रोड पर खड़ी कर सोने के लिए कहा। सुबह 15 अगस्त को जब नींद खुली, तो मेरे हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। आंखों पर भी पट्टी भी बंधी थी मैंने उठने की कोशिश की तो अज्ञात शख्स ने पीठ पर पिस्टल अड़ा दी। बोला- हिलने की कोशिश की, तो गोली मार दूंगा। मुझे केबिन के कोने में लिटा कर दबा दिया। डर के कारण मैं चुपचाप लेटा रहा। लेते हुए मुझे गार्ड सहित अन्य लोगों की आवाजें आ रही थीं। बीच-बीच में गाड़ी रुकती रही फिर अचानक एक जगह गाड़ी रोक दी गई। मुझे सूनी जगह पर बंधा हुआ छोड़कर भाग गए।
काफी देर तक मैं चिल्लाता रहा। हाथ खोलने की कोशिश करता रहा। काफी प्रयास के बाद हाथ खुल गए। मैंने आंखों पर बंधी पट्टी खोली। गाड़ी में अपना मोबाइल तलाशा, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। वारिस खान व उसका साथी भी गायब थे। गाड़ी से उतरकर देखा, तो कंटेनर का गेट आधा खुला था। गेट की कुंडी कटी हुई थी। माल अस्त-व्यस्त पड़ा था। डिब्बे खाली थे। मैं बांदरी थाने पहुंचा। पुलिस को घटनाक्रम की सूचना दी। लेकिन उसे वहां से लखनादौन जाने का कहकर भगा दिया। लखनादौन थाने पहुंचा, तो नरसिंहपुर का कहकर चलता कर दिया। ओर वह इतने दिन यहां से वहां घूमता रहा तब उसने कंपनी के अफसरों को फोन कर सूचना दी।
IG के पास पहुंची शिकायत
बांदरी थाना पुलिस के स्टाफ की लापरवाही की शिकायत गुरुवार को आईजी प्रमोद वर्मा के पास पहुंची तो रात में ही वे थाने पहुंचे। जानकारी ली, तो स्टाफ की लापरवाही सामने आई। इस पर शुक्रवार को उन्होंने बांदरी थाना प्रभारी भागचंद उईके, एएसआई राजेंद्र पांडेय को लाइन अटैच कर दिया। वहीं, हेड कॉन्स्टेबल राजेश पांडेय को सस्पेंड कर दिया था।
शातिर तरीके से की गई वारदात
पुलिस का कहना है कि गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर भी लगा है। लॉक भी ऐसा था कि अगर कोई उसे खोलने की कोशिश करता, तो कंपनी के पास मैसेज पहुंच जाता। आरोपियों को इसके बारे में पता था। इस कारण आरोपियों ने कंटेनर का लॉक नहीं तोड़ा, बल्कि उसकी कुंडी काटकर खोला। एक-एक बॉक्स खोलकर उनमें रखे आईफोन निकाले हैं। इसके बाद किसी दूसरे वाहन से माल लेकर भागे हैं।
पुलिस सुराग जुटाने में लगी
पुलिस ने कंपनी, गार्ड की कंपनी समेत अन्य जिम्मेदारों को सागर बुलाया। उनसे वारदात को लेकर अलग-अलग जानकारी ली गई है। साथ ही, गार्ड वारिस के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस की 5 टीमें अलग-अलग जगह आरोपियों की धरपकड़ के लिए रवाना की गई हैं। आरोपी मो. वारिस के घर हरियाणा में भी पुलिस टीम पहुंच गई, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। पुलिस हाईवे पर लगे टोल नाकों के सीसी टीवी फुटेज भी निकलवा रही है ताकि सुराग मिल सके।
सागर एप्पल के मोबाइल लूट मामले मैं तीन के खिलाफ मामला दर्ज - फोटो : credit
सागर एप्पल के मोबाइल लूट मामले मैं तीन के खिलाफ मामला दर्ज - फोटो : credit
सागर एप्पल के मोबाइल लूट मामले मैं तीन के खिलाफ मामला दर्ज - फोटो : credit