सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में बुधवार दोपहर इंदौर-भोपाल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को पलभर में मातम में बदल दिया। तेज रफ्तार से दौड़ रही स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन कई बार पलटता हुआ सड़क पर घिसट गया। दुर्घटना में भाजपा नेता मयूरेश गर्ग समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, हादसा जावर थाना क्षेत्र में दोपहर करीब 2 बजे हुआ। इंदौर निवासी एक परिवार और उनके रिश्तेदार स्कॉर्पियो वाहन से भोपाल की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन काफी तेज गति में था। अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और स्कॉर्पियो सड़क पर पलट गई। देखते ही देखते हाईवे पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
हादसे के समय वाहन के पलटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण और राहगीर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। वाहन में सवार लोग अंदर फंसे हुए थे और मदद के लिए चीख-पुकार मचा रहे थे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में जावर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
कार में फंसे लोगों को निकालने में लगी मशक्कत
दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। वाहन के दरवाजे जाम हो गए थे, जिससे अंदर फंसे लोगों को निकालना आसान नहीं था। ग्रामीणों और पुलिस जवानों ने कड़ी मशक्कत कर एक-एक कर सभी घायलों को बाहर निकाला। कई लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जबकि दो लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
भाजपा नेता मयूरेश गर्ग की मौत से शोक
हादसे में इंदौर निवासी 38 वर्षीय मयूरेश पिता संतोष गर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। मयूरेश गर्ग भाजपा से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता और नेता बताए जा रहे हैं। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं 51 वर्षीय संगीता पति सुनील अग्रवाल की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे की खबर मिलते ही पहुंचे आकाश विजयवर्गीय
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय तत्काल सक्रिय हुए। वे घटनास्थल और बाद में सोनकच्छ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा कर घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भाजपा कार्यकर्ताओं और परिजनों की भी अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई।
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घायलों को अस्पताल से इंदौर किया रेफर
हादसे में घायल सभी लोगों को एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से सोनकच्छ शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों को सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। इंदौर से भोपाल की ओर शुरू हुआ सफर किसी ने नहीं सोचा था कि मातम में बदल जाएगा। तेज रफ्तार ने कुछ ही सेकंड में दो जिंदगियां छीन लीं और दस लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया।
एक ही परिवार के 10 लोग घायल
दुर्घटना में घायल हुए लोगों में सुनील अग्रवाल, शर्मिला गर्ग, सुरभि अग्रवाल, पलक, रिमी अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, स्वप्नील गर्ग, कनव गर्ग, दूरविक गर्ग तथा डेढ़ वर्ष की एक मासूम बच्ची शामिल है। हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो सड़क के बीचोंबीच पलटी पड़ी थी। पुलिस ने तत्काल क्रेन बुलाकर वाहन को हटवाया और यातायात को सुचारू कराया। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही वाहन की तकनीकी स्थिति और दुर्घटना के अन्य कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।