शाजापुर जिला अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सक डॉ. स्मिता सिंह को कमिश्नर संजय गुप्ता ने निलंबित कर दिया है। डॉ. सिंह पर एम.टी.पी. (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) एक्ट और पी.सी.पी.एन.डी.टी. (प्री-कंसेप्शन और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप है। बिना अनुमति के एक्स-रे मशीन के संचालन और वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने के आरोप भी हैं।
कमिश्नर संजय गुप्ता ने डॉ. स्मिता सिंह पर इन आरोपों के चलते म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1) (एक) (दो) (तीन) के तहत कदाचरण मानते हुए म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। डॉ. सिंह का मुख्यालय अब स्वास्थ्य केंद्र शुजालपुर निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें निलंबन काल में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
मिल रही थी कई शिकायतें
डॉ. स्मिता सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं। हाल ही में मामला तब गंभीर हुआ जब उन्होंने कलेक्टर के ड्राइवर की रिश्तेदार महिला की डिलीवरी में लापरवाही बरती और उसे गंभीर स्थिति बताकर रेफर करने की सलाह दी। इस पर कलेक्टर ऋजु बाफना ने डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलधर को जिला अस्पताल भेजा, जिसके बाद डिलीवरी सफल हो सकी। इसके बाद डॉ. स्मिता सिंह के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई, जिसके तहत उनका क्लिनिक सील किया गया, एफआईआर दर्ज हुई, और अब निलंबन किया गया है।
कारण बताओ नोटिस और वसूली के आरोप
डॉ. स्मिता सिंह के खिलाफ सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। उनकी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ। उन पर मरीजों का उपचार न करने, डिलीवरी न करने और अवैध राशि की मांग करने के आरोप भी हैं। इछावर जिला सीहोर के निवासी जितेन्द्र मेवाडा ने 28 अगस्त 2024 को एक शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि डॉ. स्मिता सिंह ने उनके निजी क्लिनिक सर्वोत्तम सुयश फर्टिलिटी सेंटर में प्रसूति के एवज में 25,000 रुपये की मांग की थी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण, उन्होंने शासकीय चिकित्सालय शाजापुर में प्रसूति कराई। यहां आशा कार्यकर्ता के माध्यम से 16,000 रुपये अनधिकृत रूप से वसूले गए थे। इसकी भी जांच चल रही है।
पिछले दिनों डॉ. स्मिता सिंह के क्लिनिक को सील किया गया था।
पिछले दिनों डॉ. स्मिता सिंह के क्लिनिक को सील किया गया था।