मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के लिए लोकायुक्त टीम लगातार सभी विभागों पर पैनी नजर बनाए हुए है। जैसे ही किसी विभाग में रिश्वत या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, लोकायुक्त त्वरित कार्रवाई करती है। इसी क्रम में सिंगरौली जिले से एक ताजा मामला सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने एक रिश्वतखोर पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
मामला सिंगरौली जिले की दुधमनिया तहसील अंतर्गत चुरकी गांव का है। यहां के हल्का पटवारी अंबरीष वैश्य ने महेंद्र यादव से जमीन के नामांतरण और पुल्ली निर्माण के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सौदे के तहत पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने पर सहमति बनी थी। रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर महेंद्र यादव ने लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई और एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पटवारी की गतिविधियों पर नजर रखी। तय योजना के अनुसार जैसे ही पटवारी ने जमीन नामांतरण और पुल्ली बनवाने के एवज में पहली किस्त के 10 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। शिकायतकर्ता द्वारा इशारा मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर पटवारी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक संदीप भदौरिया ने किया। टीम में कुल 10 सदस्य शामिल थे। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।