टीकमगढ़ में जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जतारा तहसील क्षेत्र के बाजीतपुरा गांव से सामने आया है, जहां शासकीय पहाड़ी पर पौधरोपण के नाम पर बिना किसी सरकारी अनुमति के लोहे की जाली और फेंसिंग लगाकर कथित रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। मामले की शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अवैध फेंसिंग हटाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार बाजीतपुरा गांव की शासकीय पहाड़ी, खसरा क्रमांक 111/1/1, पर कुछ लोगों द्वारा कई मीटर लंबी लोहे की जाली और फेंसिंग लगाई जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास बताते हुए एसडीएम नीरज खरे और तहसीलदार नितिन गौड़ से लिखित शिकायत की। शिकायत जिला कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के निर्देश दिए।
राजस्व टीम के साथ पहाड़ी पर पहुंचे तहसीलदार
कलेक्टर के निर्देश के बाद तहसीलदार नितिन गौड़ राजस्व अमले के साथ बाजीतपुरा की शासकीय पहाड़ी पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मौके पर बिना शासकीय स्वीकृति के लगाई गई जाली और फेंसिंग दिखाई दी। तहसीलदार ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित राजस्व कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
तहसीलदार नितिन गौड़ ने बताया कि शासकीय पहाड़ी पर बिना किसी अनुमति के जाली लगाकर फेंसिंग की गई है, जो नियमों के विपरीत है। मौके पर पटवारी द्वारा पंचनामा तैयार कर प्रतिवेदन लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर इस तरह का कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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प्रशासन का अल्टीमेटम, खुद हटाएं फेंसिंग
प्रशासन ने अवैध फेंसिंग लगाने वाले लोगों को कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। तहसीलदार के अनुसार संबंधित लोगों को स्वयं जाली और फेंसिंग हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध फेंसिंग हटाएगा और नियमानुसार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सरकारी पहाड़ी पर किए जा रहे कथित कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भी राहत की उम्मीद है।