टीकमगढ़ जिले में धसान नदी के टापू पर पिछले 36 घंटे से फंसे दो किसानों को प्रशासन अब तक सुरक्षित निकालने में नाकाम रहा है। लगातार बारिश के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है, और किसानों की हालत गंभीर हो रही है। प्रशासन ने वहां पर टेंट लगाकर नजर बनाए रखी है, लेकिन अब तक रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया है।
यह घटना टीकमगढ़ जिले के कुडीला पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले इमलिया घाट के पास की है, जहां चंदेरी गांव के दो किसान मंगलवार की शाम अपने खेतों की फसल की रखवाली करने गए थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे वे वहीं फंस गए। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन धसान नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू नहीं हो सका। टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश शर्मा और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन बचाव कार्य असफल रहा।
बानसूजारा बांध के गेट खोलने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसके चलते खेतों में काम कर रहे किसानों को नदी ने घेर लिया। प्रशासन को बुधवार सुबह इस घटना की जानकारी मिली और मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, भारी बारिश और तेज बहाव के कारण ऑपरेशन में बाधाएं आईं। सूत्रों के अनुसार, किसानों की हालत लगातार बिगड़ रही है, क्योंकि खुले आसमान के नीचे बिना किसी आश्रय के वे पिछले 36 घंटे से फंसे हुए हैं।
हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू के लिए की गई अपील
टीकमगढ़ एसडीएम संजय दुबे ने बताया कि बुधवार को कलेक्टर ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर हेलीकॉप्टर की मदद मांगी थी। हालांकि, झांसी सेना द्वारा तुरंत स्वीकृति मिलने के बावजूद हेलीकॉप्टर से मदद नहीं मिल सकी। प्रशासन ने ड्रोन कैमरे का उपयोग कर किसानों की स्थिति का पता लगाया, जिसमें वे खेत में खड़े दिखाई दिए। लेकिन लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण अब तक उन्हें खाना या पानी नहीं पहुंचाया जा सका है, जिससे उनकी हालत गंभीर होती जा रही है।
एनडीआरएफ की टीम पहुंची मौके पर
गुरुवार की सुबह एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जो मौके पर पहुंच गई है। एसडीएम संजय दुबे ने कहा कि अब किसानों का रेस्क्यू जल्द से जल्द किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित निकाला जाएगा। दोनों किसान मंगलवार की शाम अपनी जमीन की रखवाली करने गए थे, लेकिन बानसूजारा बांध के 12 गेट अचानक खोल दिए जाने के कारण जलस्तर बढ़ गया और वे वहीं फंस गए। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करने की योजना बनाई है, और उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार को किसानों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।