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सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी से ज्वेलर्स में रोष, कारोबार ठप होने की आशंका
केंद्र सरकार द्वारा सोने पर 15 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाए जाने के फैसले के बाद ज्वेलर्स कारोबार से जुड़े व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अमृतसर ज्वेलर एसोसिएशन के चेयरमैन अमित जैन ने कहा कि इस फैसले से न केवल सोने के दाम बढ़ेंगे, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
अमित जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले ही महंगाई और मंदी के कारण ज्वेलरी कारोबार प्रभावित चल रहा है। अब इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से हालात और खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में करीब 8 करोड़ परिवार किसी न किसी रूप में सोने और ज्वेलरी कारोबार से जुड़े हुए हैं। कारीगरों से लेकर छोटे दुकानदारों तक सभी इस फैसले से प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि यदि सोने की खरीद घटती है तो कारीगरों के पास काम नहीं बचेगा और बेरोजगारी बढ़ेगी। वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े लोग छोटे-मोटे काम करने को मजबूर हो जाएंगे। उनका कहना था कि “ईमानदारी से टैक्स देकर कारोबार करने वाले व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।”
ज्वेलर्स ने यह भी कहा कि सोना भारतीय संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। जन्म, विवाह और धार्मिक आयोजनों में सोने का विशेष महत्व रहता है, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण अब आम आदमी की पहुंच से सोना दूर होता जा रहा है। शादी-ब्याह में भी लोगों के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है।
अमित जैन ने चेतावनी दी कि इंपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी से देश में सोने की तस्करी बढ़ सकती है। उनका कहना था कि भारत और अन्य देशों में सोने की कीमतों में बड़ा अंतर होने पर अवैध तरीके से सोना लाने वालों को फायदा मिलेगा, जबकि नियमों के तहत कारोबार करने वाले व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
ज्वेलर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है, ताकि ज्वेलरी उद्योग और इससे जुड़े लोगों के हितों की रक्षा की जा सके।
इस दौरान व्यापारी अनुज भंडारी, अक्षय ज्वेलर और अनीश ज्वेलर ने भी सरकार के फैसले पर चिंता जताई।
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