बाड़मेर जिले में सांप के काटने से एक दंपती की मौत हो गई, जबकि उनका पांच वर्षीय बेटा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। यह दर्दनाक घटना सेड़वा क्षेत्र के फागलिया गांव की है, जहां परिवार शनिवार रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था।
रात में सोते समय सांप ने बनाया शिकार
फागलिया निवासी श्रवणराम मेघवाल (28), उनकी पत्नी लाछी (23) और पुत्र विकास (5) घर के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान किसी जहरीले सांप ने तीनों को काट लिया। रविवार तड़के तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सेड़वा अस्पताल लेकर पहुंचे।
पत्नी-पति ने तोड़ा दम
अस्पताल में उपचार के दौरान लाछी की मौत हो गई। वहीं, श्रवणराम की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें सांचौर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार का पांच वर्षीय बेटा विकास फिलहाल जोधपुर स्थित एम्स में भर्ती है, जहां उसका इलाज जारी है।
'पीवणा' सांप को माना जा रहा घटना की वजह
स्थानीय स्तर पर सांपों की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना संभवतः उस सांप के काटने से हुई है, जिसे क्षेत्रीय भाषा में ‘पीवणा’ कहा जाता है। ग्रामीण इलाकों में इसे ‘साइलेंट किलर’ के नाम से भी जाना जाता है।
दर्द का एहसास नहीं होने से बढ़ जाता है खतरा
बताया जाता है कि इस सांप के दांत बेहद छोटे होते हैं और इसके काटने पर बहुत कम या लगभग न के बराबर दर्द महसूस होता है। इसी वजह से कई बार पीड़ित को तुरंत पता नहीं चल पाता कि उन्हें सांप ने काटा है।
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रेगिस्तानी इलाकों में ज्यादा सक्रिय रहता है यह सांप
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सांप मुख्य रूप से सीमावर्ती और रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाया जाता है। यह रात के समय अधिक सक्रिय रहता है। इसके विष का असर तेजी से शरीर में फैल सकता है और समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि गर्मी के मौसम में घर के बाहर सोते समय विशेष सावधानी बरतें और सांप काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें।