राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बम धमाकों की धमकियां मिल रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि हाईकोर्ट, मुख्यमंत्री और विधानसभा को उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, अब तो केवल आप और हम ही बचे हैं। मोदी कुछ करके छोड़ेंगे।
दरअसल, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीकर में आंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश को आजादी दिलाई थी और अब पार्टी डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संविधान को कमजोर कर रही है। लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है और लोगों की आवाज दबाई जा रही है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा है और आरक्षण व्यवस्था को भी कमजोर करने की कोशिश हो रही है। पंचायत और निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे, जबकि यह संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सरकार संविधान के अनुरूप काम नहीं करेगी तो उसे सत्ता से हटाने का काम किया जाएगा।
बीजेपी की चाल, चेहरा और चरित्र उजागर
गोविंद डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चाल, चेहरा और चरित्र पूरी तरह उजागर हो चुका है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में विफल रही है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस हमेशा 33% आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन बीजेपी इसे लागू करने में गंभीर नहीं है। सरकार जनगणना और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में देरी कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए मुद्दों को उठाया जा रहा है।
ये भी पढ़ें-
अंबेडकर जयंती: 'संविधान की भावना से हो रहा खिलवाड़, सिर्फ भाषणों से नहीं चलेगा काम', पायलट का किस पर निशाना?
सरकार धमकियों को गंभीरता से नहीं ले रही
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार धमकियों को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने मुख्यमंत्री की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके दावों और वास्तविकता में अंतर है। किसान और आम जनता समय आने पर सरकार को जवाब देंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।