{"_id":"68da5fcb8af0f1e1c8039c81","slug":"video-you-will-learn-to-use-the-ladle-somedaynow-is-the-time-for-the-pen-2025-09-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला संवाद - कलछी चलानी तो कभी सीख जाओगी...अभी कलम का वक्त है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला संवाद - कलछी चलानी तो कभी सीख जाओगी...अभी कलम का वक्त है
कलछी चलानी तो कभी सीख जाओगी, अभी कलम का वक्त है...ये वो माता-पिता के शब्द हैं जो बेटियों को भेदभाव की दहलीज से निकालकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसी प्रकार की कई सीख रविवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद के दौरान महिला चिकित्सकों ने दीं। कहा, अच्छी शिक्षा और संस्कार से बढ़कर कोई पूंजी नहीं होती है। ये दोनों चीजें बच्चों को देना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हमारे देश की संस्कृति पूरे विश्व में नजीर है। इसलिए सोच भले ही नई हो पर परंपरा-संस्कार परिवार के ही अपनाने चाहिए। महिलाओं को परिवार को लेकर चलना चाहिए। बेटे-बेटियों को शिक्षा और कॅरिअर के लिए बराबर अवसर देना चाहिए।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।