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VIDEO : Amethi: सड़क पर उतरे किसान, 12 सूत्रीय लंबित मागों को लेकर किया प्रदर्शन, सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन
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VIDEO : Amethi: सड़क पर उतरे किसान, 12 सूत्रीय लंबित मागों को लेकर किया प्रदर्शन, सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय किसान संगठन के पदाधिकारियों ने लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबांधित 12 सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट, उत्तर प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा, किसान संग्राम समिति उत्तर प्रदेश, किसान संग्राम समिति युवा मंच, किसान आंदोलन आदि के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर राष्ट्रपति को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
दिए गए ज्ञापन में एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने, चार श्रम संहिताओं को निरस्त व श्रम की आउटसोर्सिंग और ठेकाप्रथा को समाप्त करने व रोजगार मुहैया कराया जाए। वहीं संगठित, असंगठित और कृषि क्षेत्र के सभी मजदूरों के लिए 26000 रुपये प्रति माह का राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा लागू की जाए।
किसान ऋण माफी, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को खत्म किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व सेवाओं स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली का निजीकरण न किया जाए। कोई प्रीपेड स्मार्ट मीटर समाप्त कर कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली, घरेलू उपयोगकर्ताओं और दुकानों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम), राष्ट्रीय सहयोग नीति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आईसीएआर समझौते को रोका जाए। अंधाधुंध भूमि अधिग्रहण को समाप्त कर भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 और वन अधिकार कानून लागू किया जाए।
मनरेगा में 200 दिन का काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी योजना को कृषि, पशुपालन के लिए वाटरशेड योजना से जोड़ने, फसलों और मवेशियों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा योजना, काश्तकारों को फसल बीमा और अन्य सभी योजना लाभ सुनिश्चित करने, सभी योजनाओं से वंचित 60 वर्ष की आयु से दस हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, सार्वजनिक संपत्ति के निगमीकरण और लोगों को विभाजित करने के लिए विभाजनकारी नीतियों के उद्देश्य से कॉर्पोरेट-साम्प्रदायिक नीतियों को खत्म किया जाए।
महिला सशक्तिकरण और फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रणाली के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त किया जाए। इस मौके पर किसान नेता नफीस चंदेल, राकेश कुमार, सूर्य पाल यादव, गया प्रसाद, प्रेम अचल, संजय कुमार, अशफाक अहमद आदि मौजूद रहे।
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