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VIDEO : चंदौली से महाकुंभ की यात्रा के लिए जाने वाली महिलाएं क्या बोली ? देखिए खास बाचतीत
महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत में उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। बिहार के सिवान जिले के महुअर निवासी लीलावती बीस महिलाओं के साथ प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए गई थी। रविवार को स्नान करने के बाद सभी महिलाएं प्रयागराज पहुंची लेकिन यहां भीड़ में लीलावती के साथ ही महिलाएं छूट गई। इसके बाद वहां से किसी ने उन्हें पीडीडीयू जंक्शन आने वाली ट्रेन में बैठा दिया। यहां भूखे प्यासे लीलावती रो रो कर सहायता मांगती दिखी। बताया कि साहब दो दिन से कुछ खाया नहीं। सिवान जाने के लिए पैसे तक नहीं है। इसके बाद आरपीएफ ने महिला को खाना खिलाया और वाराणसी के लिए ऑटो में बैठाया। इसके साथ ही केरला से काशी, अयोध्या और गया के बाद कुंभ स्नान करने के लिए तीर्थयात्रियों का दल निकला था। दल में शामिल राधा सुमन ने बताया कि हम लोग पहले अयोध्या गए, यहां भीड़ देख कर डर गई, पांच घंटे तक लाइन में लगी, इसके बाद वाराणसी में पहुंची। यहां भी लंबी कतार के बाद अब कुंभ जाने की हिम्मत नहीं बची। ट्रेन की स्थिति ऐसी रही कि रिजर्वेशन के बाद भी सीट पर नहीं बैठ सकी। अब बिना कुंभ स्नान के वापस लौट रही हूं।अपनी बहू के साथ प्रयागराज स्नान करने गई बिहार के बाढ़ निवासी शैल देवी ने बताया कि प्रयागराज में घंटों चलना पड़ा। प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन के एसी कोच में रिजर्वेशन कराया था लेकिन अपनी सीट पर बैठ नहीं सकी। स्थिति यह नहीं कि पूरा सफल भीड़ में खड़े खड़े सफर की। वापसी में भी यही हाल रहा। स्थिति यह रही कि प्रयागराज से वापस आने पर चलने की हिम्मत नहीं बची है। खाने पीने के लिए भी भटकना पड़ रहा है।पति पप्पू झा और पड़ोस की मानती देवी, बिन्नी देवी आदि के साथ प्रयागराज कुंभ स्नान कर वापस लाैटी रूबी देवी ने बताया कि वे बिहार के पूर्णिया से कुंभ स्नान के लिए आए थे। प्रयागराज में 18 से बीस किमी पैदल चलना पड़ा। यहां से किसी तरह हिम्मत जुटा कर अयोध्या दर्शन करने गए लेकिन यहां इतनी भीड़ थी कि रामलला के दर्शन नहीं हो पाए।वहां से काशी दर्शन के लिए आया। यहां गंगा स्नान तो कर लिया लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं कर सके। अब निराश होकर घर वापस लौट रहे हैं।
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