{"_id":"69f39c194876fcb28f0f1b16","slug":"video-anti-corruption-team-arrests-two-including-kanungo-while-accepting-bribe-of-15000-2026-04-30","type":"video","status":"publish","title_hn":"फर्रुखाबाद: 15 हजार रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो सहित दो को पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्रुखाबाद: 15 हजार रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो सहित दो को पकड़ा
तहसील सदर क्षेत्र के शमसाबाद के पूर्वी के राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) व उसके सहयोगी को एंटीकरप्शन टीम ने बृहस्पतिवार शाम को शहर के मोहल्ला बजरिया स्थित किराए के मकान से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसने गांव वीरपुर नादी के किसान से सात बीघा खेत की पैमाइश कराने के नाम पर 40 हजार रुपये मांगे थे। एंटी करप्शन टीम दोनों फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची। वहां देर रात तक टीम ने कागजी कार्रवाई करने में जुटी रही।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव वीरपुर नादी निवासी किसान सर्वेश शाक्य का गांव में ही सात बीघा खेत है। मौके पर खेत कुछ कम है। इसके चलते वह खेत की पैमाइश कराना चाह रहा था। वह कई माह से पैमाइश के लिए फतेहपुर के लखनऊ चौराहा निवासी सदर तहसील में तैनात कानूनगो विमल श्रीवास्तव के चक्कर लगा रहा था। कानूनगो के साथ ही शहर के कादरीगेट निवासी सेवानिवृत्त लेखपाल अश्वनी सक्सेना का बेटा पवन सक्सेना निजी सहयोगी के रूप में रहता है। उसी के माध्यम से कानूनगो ने सर्वेश से खेत की पैमाइश करने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उसने इतने रुपये न होने की दुहाई दी। इसके बाद भी कानूनगो अपनी जिद पर अड़ा रहा। इससे परेशान होकर उसने कानपुर की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। इसके बाद टीम ने कानूनगो को पकड़ने का जाल बिछाया। बृहस्पतिवार दोपहर को टीम शहर में आ गई। इसके बाद बजरिया फील्ड में पहुंचकर अपनी कार खड़ी कर दी। वहां से वह एक दुकान पर पहुंची। वहां काफी देर तक टीम के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर खड़े रहे। शाम को करीब 5.40 बजे सर्वेश पवन सक्सेना के साथ कानूनगो विमल श्रीवास्तव को उसके बजरिया स्थित किराए मकान रह रहे उसे 15 हजार रुपये रिश्वत देने पहुंचा। वहां उसने जैसे कानूनगो को 15 हजार रुपये दिए वैसे ही टीम ने उन्हें व पवन सक्सेना को दबोच लिया। दोनों को एंटी करप्शन टीम फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची। इसकी जानकारी होते ही लेखपाल एकत्र होकर फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे। एंटी करप्शन टीम से वह नहीं मिल सके। पुलिस ने उन्हें समझाकर वहां से वापस भेज दिया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।