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मेला रामनगरिया: दिख रहा आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपराओं का अनुपम संगम
मेला रामनगरिया में इन दिनों आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपराओं का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। मां भगीरथी के पावन तट पर धार्मिक अनुष्ठानों और दान-पुण्य की मानो होड़ लगी हुई है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रातः काल गंगा में पुण्य की डुबकी लगाकर जीवन कल्याण की कामना कर रहे हैं। गंगा तट पर जगह-जगह भव्य कथा पंडाल सजे हैं, जहां रामकथा और भागवत कथा हो रही है। संतों और कथावाचकों की अमृतवाणी से संपूर्ण मेला क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर नजर आ रहा है। कथा के साथ भजन-कीर्तन से वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालु साधु-संतों के आश्रमों में पहुंचकर अन्नदान, वस्त्रदान और दक्षिणा देकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। संतों के सानिध्य में धर्म, संयम और सदाचार का संदेश भी दिया जा रहा है। मेले में दिन-प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे रामनगरिया क्षेत्र में रौनक दिखाई देने लगी है। आस्था, सेवा और भक्ति से ओत-प्रोत यह मेला सनातन संस्कृति की जीवंत मिसाल बनकर सामने आ रहा है।
महिषासुर मर्दिनी कथक नृत्य नाटिका में दिखी शक्ति की दिव्य झलक
नृत्यांजलि फाउंडेशन की के कलाकारों ने मां दुर्गा के नौ रूपों को देख कर दर्शक हुए भावविभोर अमृतपुर। नृत्यांजलि फाउंडेशन की ओर से सांस्कृतिक पंडाल में महिषासुर मर्दिनी कथक नृत्य नाटिका की भव्य प्रस्तुति दी गई। नृत्य नाटिका में महिषासुर और रक्तबीज के अत्याचार तथा दोनों असुरों के वध की कथा को कथक नृत्य शैली के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का सजीव और भावपूर्ण चित्रण किया गया, जिसने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। नृत्य नाटिका में मां दुर्गा की भूमिका जया सिंह ने निभाई, जबकि मां काली के रूप में रितिका मिश्रा, मां चंद्रघंटा के रूप में पर्णिका श्रीवास्तव, शैलपुत्री के रूप में अनुराधा, ब्रह्मचारिणी के रूप में मल्लिका, महागौरी के रूप में वरदा, कुष्मांडा एवं स्कंदमाता के रूप में श्वेता गुप्ता तथा सिद्धिदात्री के रूप में आकांक्षा ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियां दीं। महिषासुर और भगवान शिव की भूमिका अंश पांडेय ने निभाई, जबकि रक्तबीज और ब्रह्माजी के किरदार का प्रभावशाली अभिनय भी उनके द्वारा किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन रागनी श्रीवास्तव ने किया। नृत्य, अभिनय और संगीत के समन्वय से सजी इस प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
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