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रायबरेली में मिट्टी धंसी निकली सुरंग, बारिश के बाद उत्खनन करके होगी वैज्ञानिक जांच
रायबरेली में हरचंदपुर क्षेत्र के ओई गांव में खेत की जमीन धंसने से सामने आई सुरंग अब पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होती नजर आ रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की प्रारंभिक जांच में सुरंग के भीतर से कुषाणकालीन अवशेष मिलने की संभावना जताई गई है। अब विस्तृत वैज्ञानिक जांच और बरसात समाप्त होने के बाद उत्खनन की तैयारी की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी है।
खेत के मालिक सुशील मौर्य ने बताया कि 22 जुलाई को खेत में जमीन धंसने के बाद सुरंग की जानकारी हुई। इसकी सूचना तत्काल हरचंदपुर थानाध्यक्ष को दी गई। 23 जुलाई को एसडीएम महाराजगंज चंद्र प्रकाश गौतम, सीओ महाराजगंज प्रदीप कुमार, हरचंदपुर पुलिस, राजस्व विभाग की लेखपाल डेजी वर्मा सहित प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ सुरंग का निरीक्षण किया था।
बुधवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) लखनऊ मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरंग के भीतर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्राचीन ईंटें, मिट्टी की सुराही, हैंडल वाली धूपदानी समेत कई पुरातात्विक अवशेष मिले। प्रारंभिक जांच में इन अवशेषों के कुषाणकालीन होने की संभावना जताई गई है।
जांच का नेतृत्व कर रहे सहायक पुरातत्त्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि स्थल से मिले अवशेष ऐतिहासिक महत्व के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि इनकी वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व का अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण और रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। जांच के दौरान टीम ने गांव निवासी अशोक मौर्य के घर पहुंचकर वर्ष 1985 से सुरक्षित रखे गए प्राचीन अवशेषों का भी अवलोकन किया। टीम ने उन अवशेषों की तस्वीरें भी ली।
बृहस्पतिवार को सुरंग स्थल पर पुलिस के दो सिपाही सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर दिए गए। साथ ही सुरंग के चारों ओर खंभे और तार लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई है। किसी को भी पुरातत्व स्थल पर जाने नहीं दिया जा रहा है।
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