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Deity returns after bestowing blessings of happiness and prosperity at the Taklech fair Folk singers get the audience dancing at the cultural evening
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Video: तकलेच मेले से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर लौटे देवता सांस्कृतिक संध्या में लोक गायकों ने खूब नचाए दर्शक
तकलेच पंचायत में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष पर मेले का आयोजन किया गया। मेले में दूर दूर से पहुंचे लोगों ने नाटियों का आनंद उठाया। ग्रामीणों संग देवलुओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटियों का दौर चलाया। पारंपरिक मेले में महिलाओं, बुजुर्गों और देवलुओं ने नाटी डालकर भावी पीढ़ी को संस्कृति संजोने का संदेश दिया। तीन दिवसीय मेले में देवता साहिब लक्ष्मी नारायण शालनू दरकाली, खंटू महादेव सेरी-मझाली और महासू थेडा ने शिरकत कर मेले की शोभा बढ़ाई। मेला कमेटी ने देवताओं का पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। तकलेच स्कूल के खेल मैदान में देवताओं के साथ देवलुओं और ग्रामीणों ने अपने इष्ट देव के समक्ष खूब नाटियां लगाईं। इस पारंपरिक मेले (जलसे) को फिर से पुराने स्वरूप में लाने के लिए नवनिर्वाचित तकलेच पंचायत प्रधान सुनील कायथ ने काफी मेहनत की। जलसे को सफल बनाने के लिए पहले मेला कमेटी का गठन किया गया और उसके बाद पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पंचायत और तकलेच के स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर जलसे को सफल एवं बेहतर बनाया। मेले में देर शाम तक देवलू और अन्य लोग ढोल-नगाड़ों की थाप खूब झूमे। सोमवार दोपहर बाद सभी देवताओं को विदा किया गया। तकलेच पंचायत प्रधान सुनील कायथ ने कहा कि तकलेच जलसे को फिर से पुराने जोश के साथ मनाने का जो संकल्प लिया गया था, उसे मेला कमेटी के माध्यम से सभी लोगों के सहयोग से मेला सफल संपन्न हो गया है। तकलेच मेले की रात्रि सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी गायक अशोक पालसरा का जादू खूब चला। खेल मैदान में युवा सहित अन्य लोग पहाड़ी तरानों पर जमकर थिरके। अशोक पालसरा ने एक से बढ़कर एक पहाड़ी गानों से धमाल मचाया।
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