{"_id":"6a33c7eb9eace03b11017ce6","slug":"video-lost-her-hands-but-not-her-spirit-salute-to-manjus-determination-the-accident-occurred-eight-years-ago-2026-06-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"हाथ छिने, हौसला नहीं, मंजू की जिद को सलाम, आठ साल पहले हुआ था हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथ छिने, हौसला नहीं, मंजू की जिद को सलाम, आठ साल पहले हुआ था हादसा
Vimal Sharma
Updated Thu, 18 Jun 2026 03:56 PM IST
Link Copied
संभल शहर से करीब पांच किलोमीटर दूरी पर बसे गांव चिमियावली की बहादुर बेटी मंजू को आत्मनिर्भर बनने की ललक ने इतना आगे बढ़ा दिया है कि वह अब मुड़कर पीछे देखना ही नहीं चाहती। वह अपने भविष्य को संवारना चाहती है। उसके हाथ नहीं हैं और वह पैरों से अपने सपने बुन रही है। पैरों से कंप्यूटर चला लेती है। कपड़े प्रेस करती है। कपड़े भी सिलती है। उसका कहना है कि उसने कड़े संघर्ष के बाद खुद को अब तैयार कर लिया है। वह बीए कर रही है और पैरों से ही लिखती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।