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Anshu's body arrives in Rewari from Russia after six months; he had last spoken to his father in August.
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रूस से 6 माह बाद रेवाड़ी पहुंचा अंशु का शव, आखिरी बार अगस्त में पिता से हुई थी बात
गांव काठूवास निवासी 24 वर्षीय अंशु का शव शुक्रवार को गांव पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। अंशु के बड़े भाई मोहित ने उसकी चिता को मुखाग्नि दी।
अंशु एमबीए की पढ़ाई के लिए रूस गया था, जहां अगस्त माह में वह रूसी सेना में भर्ती हो गया था। रूस की ओर से लड़ते हुए 14 अक्तूबर 2025 को यूक्रेन में उसकी मौत हो गई थी। कई महीनों बाद अब उसका शव गांव पहुंचा है, जिससे परिवार में मातम छाया हुआ है। अंशु अविवाहित था और अब उसके जाने के बाद परिवार के पास उसकी यादें ही शेष रह गई हैं।
अंशु के पिता राकेश कुमार पहले ही पत्नी को खो चुके हैं। परिवार में तीन भाई-बहनों में अंशु सबसे छोटा था। बेटे के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
अंशु पढ़ाई में होनहार था और बेहतर भविष्य के लिए विदेश गया था। किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस तरह घर लौटेगा।
परिवार से अंतिम बार बातचीत 18 अगस्त को थी हुई
अंशु की अपने परिवार से अंतिम बार बातचीत 18 अगस्त को हुई थी। इस बातचीत में अंशु ने पिता राकेश कुमार से कहा था कि वे रूस में बुरी तरह फंस चुके हैं। इसके बाद बेटे के फोन का इंतजार कर रहे पिता को मौत की सूचना मिली। दूतावास से 4 अप्रैल को फोन कर पिता को बताया गया कि अंशु की बॉडी मिल चुकी है और उसे भारत भेजा जा रहा है।
16 अप्रैल को सूचना मिली कि 17 अप्रैल की सुबह अंशु का शव दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। 17 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर शव आने की सूचना के बाद परिवार शुक्रवार सुबह ही एयरपोर्ट पहुंच गया था। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिवार ने शव को रिसीव किया और सुबह करीब 10 बजे गांव के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया।
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