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Employees protest in Gohana, Sonipat over ten-point demands, submit memorandum to Tehsildar
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सोनीपत के गोहाना में दस सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सर्व कर्मचारी संघ ने प्रदर्शन कर तहसीलदार के माध्यम से हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, चंडीगढ़ को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ और नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की गोहाना इकाई की अहम भूमिका रही।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 26 जनवरी 2026 तक शिर्डी (महाराष्ट्र) में हुआ था। सम्मेलन में दस सूत्रीय मांग पत्र को लेकर प्रस्ताव पास किया गया और 26 फरवरी 2026 को “मांग दिवस” के रूप में मनाने का फैसला लिया गया।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि संविदा, आउटसोर्स, गेस्ट टीचर व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। एचकेआरएनएल और अन्य अनुबंध व्यवस्थाओं को खत्म कर विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में खाली पद नियमित आधार पर भरे जाएं। हटाए गए कर्मचारियों का समायोजन किया जाए और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के नियमित करने संबंधी फैसलों को लागू किया जाए।
उन्होंने नई पेंशन योजना को खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाई। साथ ही पीएफआरडीए कानून रद्द करने, ईपीएस-95 के तहत कर्मचारियों को लाभ देने और पेंशन अधिनियम 2025 को वापस लेने की बात कही।
कर्मचारियों ने चारों लेबर कोड रद्द करने, सरकारी विभागों के निजीकरण व मर्जर पर रोक लगाने और बिजली बिल 2025, स्मार्ट मीटर योजना व रोड सेफ्टी बिल वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा 8वें वेतन आयोग की शर्तों की समीक्षा, हर पांच साल में वेतन संशोधन, न्यूनतम 5000 रुपये या मूल वेतन का 10 प्रतिशत अंतरिम राहत देने और राज्यों में अलग वेतन आयोग बनाने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज, शिक्षा बजट दोगुना करने, चिराग योजना व नई शिक्षा नीति वापस लेने, खाली पदों पर नियमित भर्ती करने और संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना को बनाए रखने की मांग भी शामिल है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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