{"_id":"699f1b602a15f8da1a055bfd","slug":"afghan-nationals-who-obtained-fake-passports-from-jabalpur-were-sent-to-jail-jabalpur-news-c-1-1-noi1229-3992820-2026-02-25","type":"video","status":"publish","title_hn":"Jabalpur News: फर्जी पासपोर्ट बनाने वाला गिरोह बेनकाब, कोर्ट ने पांच अफगानी नागरिकों को जेल भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur News: फर्जी पासपोर्ट बनाने वाला गिरोह बेनकाब, कोर्ट ने पांच अफगानी नागरिकों को जेल भेजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 26 Feb 2026 04:19 PM IST
Link Copied
फर्जी पते और नकली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में मध्यप्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एमपी एटीएस) ने पांच अफगानी नागरिकों को न्यायालय में पेश किया। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत के आदेश पर सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान निवासी सोहबत खान वर्ष 2015 में जबलपुर आया था और निकाह के बाद यहीं बस गया। उसने फर्जी पते के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। सोशल मीडिया पर एके-47 राइफल के साथ तस्वीर पोस्ट करने के बाद वह एटीएस के रडार पर आया और अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह एक गिरोह संचालित कर रहा था, जो देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अफगानी नागरिकों के लिए जबलपुर से फर्जी पते और दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाता था।
एटीएस ने इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदान और चंदन सिंह को भी गिरफ्तार किया था। इसके अलावा दो अफगानी नागरिकों को कोलकाता से पकड़ा गया था, जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये दिए थे।
जांच के दौरान एटीएस ने जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद और जफर खान को कोलकाता से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी वर्ष 2018-19 में काबुल (अफगानिस्तान) से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचे थे। सुल्तान मोहम्मद मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जबकि अन्य चार अवैध रूप से देश में दाखिल हुए थे।
आरोपियों ने पासपोर्ट आवेदन में जबलपुर के 300 मोतीनाला तालाब सदर, 410 उपरैनगंज और 870 छोटी ओमती जैसे फर्जी पते दर्ज कराए, जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं पाया गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराकर पांच में से चार पासपोर्ट जारी भी हो गए थे। इनमें से तीन पासपोर्ट एटीएस ने जब्त कर लिए हैं, जबकि एक गलत पते के कारण पासपोर्ट कार्यालय लौट गया था।
एटीएस ने आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। रिमांड समाप्त होने पर बुधवार को सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।