ईओडब्ल्यू ने जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट का फर्जीवाड़ा कर शासन को चूना लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। मुख्य आरोपी ने चार मुख्य फर्जी फर्म तथा 9 सहायक फर्जी फर्म के नाम पर लगभग 34 करोड़ के फर्जीवाड़ा किया है। ईओडब्ल्यू ने गिरोह का सरगना विनोद कुमार सहाय रांची से गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी को जबलपुर न्यायालय में पेश किया गया। ईओडब्ल्यू ने मुख्य सरगरा को पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड पर लिया है। वाणिज्य कर विभाग जबलपुर की सहायक आयुक्त वैष्णवी पटेल और ज्योत्सना ठाकुर द्वारा प्रताप सिंह लोधी की शिकायत ईओडब्ल्यू को भेजी गई थी। शिकायत के साथ धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश कर जीएसटी चोरी के संकेत दिए गए थे।
मुख्य आरोपी एन. के. खरे उर्फ विनोद कुमार सहाय साल 2019-2020 में जबलपुर निवासी प्रताप सिंह लोधी, दीनदयाल लोधी, रविकांत सिंह और नीलेष कुमार पटेल को झांसा देकर ऋण प्राप्त करने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक खाता स्टेटमेंट, कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज लिये थे। उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर जीएसटी का रजिस्टेशन करवाया था। गिरोह के सरगना ने इस व्यक्तियों के नाम से मेसर्स मां नर्मदा ट्रेडर्स, मेसर्स नमामि ट्रेडर्स, मेसर्स मां रेखा ट्रेडर्स तथा मेसर्स अभिजीत ट्रेडर्स नाम से फर्जी फर्म बनाई थी। गिरोह के सरगना ने फर्जी फर्म बनाने के लिए अपने मेल आईडी को प्रयोग किया था।
ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया गया कि इन पंजीकृत पतों पर कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं हो रही थी। ये फमें केवल कागजों पर मौजूद थीं। विनोद सहाय ने इन चार मुख्य फर्जी फर्मों तथा उनके साथ काम करने वाली 9 बोगन फर्म के नाम पर फर्जी आउटवर्ड सप्लाई (बिक्री) दिखाते हुए लगभग 34 करोड़ रूपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त कर शासन को चूना लगाया था। फर्मों मुख्य रूप से कोल ट्रेडिंग और बिल्डिंग मटेरियल ट्रेडिंग में शामिल थीं और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और नागपुर (महाराष्ट्र) तक फैली हुई थीं।
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इन फर्मों के नाम आये सामने
मुख्य चार फर्म के अलावा दिलीप ट्रेडर्स, अंकिता स्टील एंड कोल, जगदम्बा कोल कैरियर्स, कोराज टेक्निक्स, महामाया ट्रेडर्स, अंबर कोल डिपो, अनम ट्रेडर्स, विनोद सहाय स्वयं सिटरोन मिनरल्स प्रा.लि., गेरिसन कॉल प्रा.लि., आर्या कोल ट्रेडिंग प्रा.लि., वी. के. मिनरल्स प्रा.लि. और जे.एम.एस.डी. आलॉप्स प्रा. लि. फर्म के नाम सामने आये है। जिनके नाम पर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
रांची से किया गिरफ्तार
ईओडब्ल्यू ने गिरोह के सरगना विनोद सहाय सहित संबंधित फर्म व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने का प्रकरण दर्ज किया था। मुख्य आरोपी के रांची में छिपे होने की जानकारी पर ईओडब्ल्यू को मिली थी। ईओडब्ल्यू की टीम ने मुख्य आरोपी को रांची से गिरफ्तार कर जबलपुर न्यायालय में पेश किया। ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए मुख्य सरगना को पांच दिन के लिए रिमांड पर लिया है।