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MP: विश्विद्यालय कैंपस में घूम रहे तेंदुए की तलाश में वन अमले ने की सर्चिंग, नहीं मिल रहा सुराग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Thu, 17 Oct 2024 09:17 PM IST
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सागर डॉक्टर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के बृहद कैंपस मैं तेंदुए के परिवार को खोजने की जद्दोजहद जारी है। दक्षिण वन मंडल सागर की टीम ने नौरादेही (महारानी दुर्गावती) अभ्यारण्य की सर्चिंग टीम डॉग स्क्वाड तथा विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों की टीम के साथ गुरुवार को विश्विद्यालय कैंपस के उन स्थलों का निरीक्षण किया, जहां तेंदुए की मूवमेंट की जानकारी लगी थी। वन विभाग की टीम तथा विश्विद्यालय प्रशासन ने कैंपस मैं रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए जगह जगह फ्लैक्स व बैनर आदि लगवाए हैं। वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर यहां कितने तेंदुए है तथा उनका आने जाने का मार्ग कौन सा है तथा वह कहां रह रहे हैं।
गौरतलब रहे कि दिनांक 14 अक्तूबर को सबसे पहले विश्विद्यालय के छात्रावास में रहने वाले एक छात्र ने आधी रात्रि के समय छात्रावास कैंपस के बाहर एक तेंदुए को घूमता देख उसके वीडियो बना कर विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग को दिए थे। उसके बाद यह सर्चिंग शुरू की गई। इसके अगले दिन विश्विद्यालय के सुरक्षा गार्ड को प्रोफेसर्स रहवास कैंपस के पास एक वयस्क तेंदुआ दिखाई दिया था।
दो दिनों में दिखे दो अलग-अलग तेंदुए
कैंपस में दो दिनों मैं दो अलग अलग तेंदुए की पुष्टि होने के बाद यह माना जा रहा है कि शायद कैंपस में मादा तेंदुआ अपने बच्चों सहित घूम रही है।
घना जंगल कर रहा तेंदुए को आकर्षित
विश्विद्यालय कैंपस के अधिकांश भाग में घना सघन वन है तथा पास ही सिटी फारेस्ट का सघन वन इस तेंदुआ परिवार को आकर्षित कर रहा है। वन अधिकारियों के अनुसार यह जंगल इन जानवरों का प्राकृतिक रहवास है। यहां पहले भी अनेकों बार तेंदुओं का मूवमेंट रहा है। कैंपस तथा आसपास मौजूद कुत्ते तथा वन क्षेत्र में चरने आने वाले छोटे पालतू पशु इन तेंदुओं का आसानी से भोजन बन सकते है और यह आसान शिकार भी तेंदुओं को यहां आने के लिए ललचाता रहा है। इसके अलावा जगह जगह से टूटी बाउंड्री वाल तथा तार फेंसिंग उनकी आवाजाही को सरल बना रही है।
वन विभाग ने विश्विद्यालय प्रशासन को लिखा पत्र
गुरुवार को निरीक्षण के बाद दक्षिण वन मंडल सागर रेंज के फारेस्ट ऑफिसर रवि सिंह भदौरिया ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग को पत्र लिखकर कैंपस मैं जगह जगह टूटी फेंसिंग तथा बाउंड्री को सुधरवाने, कैंपस में आवासीय क्षेत्र में मौजूद बड़ी बड़ी झाड़ियों को कटवाने का अनुरोध किया है। ताकि रहवासी क्षेत्र के आसपास की झाड़ियों में छिपकर तेंदुआ यहां कोई नुकसान न पहुंचा सके।
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