वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम में हाल ही में किए गए संशोधनों के तहत अब शहर के लोग विदेशी प्रजातियों के जीव-जंतुओं को पाल सकेंगे। हालांकि, ऐसे जीव-जंतुओं को पालने के लिए अब "परिवेश पोर्टल" पर पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
दक्षिण वनमंडल के डीएफओ महेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विदेशी प्रजातियों के जीव-जंतु अब वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची चार के अंतर्गत आते हैं। इन जीव-जंतुओं में इगुआना, अफ्रीकी तोते, लव बर्ड्स और मार्मोसेट्स जैसे विदेशी पालतू पक्षी और जानवर शामिल हैं। नए नियमों के तहत इन्हें पालना तो आसान हो गया है, लेकिन पंजीकरण जरूरी है।
दक्षिण वनमंडल के सागर रेंज के फॉरेस्ट ऑफिसर रवि सिंह ने बताया कि डीएफओ और एसडीओ फॉरेस्ट के निर्देशानुसार एक टीम का गठन किया गया है। इस टीम द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर लोगों को विदेशी पालतू जानवरों और पक्षियों के संबंध में शासन द्वारा बनाए गए नए नियमों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही, टीम लोगों को परिवेश पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में भी जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक पोर्टल पर पंजीकरण किए जा सकते हैं। यदि इस अवधि में पंजीकरण नहीं किया गया, तो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

सागर वन विभाग की टीम वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत बने नए नियमों की जानकारी देते हुए।