अमलाई थाना क्षेत्र के धनपुरी में आग की घटना ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। वार्ड नंबर 12 में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चार्जिंग पर लगी ई-स्कूटी की बैटरी फटने से भीषण आग लग गई। इसमें महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सुनीता रजक का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, लेकिन पाइप छोटा होने की बात कहकर दमकल कर्मी पीछे हट गए। परिवार के सामने पूरा घर चल कर खाक हो गया।
बताया गया कि घटना के समय घर के पहले कमरे में ई-स्कूटी चार्ज हो रही थी। अचानक तेज धमाके के साथ बैटरी फट गई और आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मुख्य दरवाजे सहित पूरा कमरा इसकी चपेट में आ गया। जान बचाने के लिए परिवार के लोगों को दीवार फांदकर बाहर निकलना पड़ा। इस हादसे में घर में रखा लगभग 15 लाख रुपए का सामान जल गया, इसमें 5 तोला सोना, एक पाव चांदी, करीब ढाई लाख रुपए नकद, दो बाइक, ई-स्कूटी और शादी के लिए खरीदा गया पूरा सामान शामिल है। खास बात यह है कि सुनीता रजक की बेटी की शादी 21 अप्रैल को होनी थी, जिसके लिए परिवार ने सारी तैयारियां कर ली थीं, लेकिन आग ने सब कुछ तबाह कर दिया।
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आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि घर में बने मंदिर की मूर्तियां और एक्वेरियम में मौजूद मछलियां भी नहीं बच सकीं। किचन में रखे दो गैस सिलिंडर भी आग की चपेट में आ गए थे, लेकिन पड़ोसियों की सूझबूझ से उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा विस्फोट टल गया। घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन संकरी गली होने और पर्याप्त लंबाई के पाइप नहीं होने के कारण दमकल टीम आग बुझाने में नाकाम रही। बाद में स्थानीय लोगों ने अपने संसाधनों से आग पर काबू पाया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने बताया कि मामले में आगजनी का प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।