मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की नगर परिषद जेरोन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रिश्वत मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इसमें एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जिसमें नगर परिषद के बाबू पवन सेन स्वीकृति और किस्त जारी करने के लिए 15,000 हजार की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। सीएमओ ने बाबू को बर्खास्त कर दिया है।
जेरोन नगर परिषद के वार्ड नंबर 12 के निवासी दयाली पिता गणपत ने शुक्रवार को बताया कि वह गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया था। उनका आवेदन स्वीकृत हो गया। उन्होंने नगर परिषद में पासबुक और आधार कार्ड जमा कर दिया। इसके बाद बाबू पवन सेन ने उन्हें फोन पर 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की। जब दयाली ने अपनी आर्थिक स्थिति के चलते रिश्वत देने में असमर्थता जताई, तो बाबू ने धमकी भरे लहजे में कहा कि उन्हें यह रकम किसी भी हालत में देनी होगी। ऑडियो क्लिप में यह स्पष्ट सुना जा सकता है कि जब पीड़ित ने बाबू को शिकायत की धमकी दी, तो बाबू ने निडरता से कहा कि ऊपर तक रिश्वत देना होती है। शिकायत का कोई असर नहीं होगा।
बार-बार फोन कर मांगते हैं रिश्वत*
दयाली के पुत्र कमलेश ने बताया कि उनके पिता मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर पाते, इसलिए बाबू पिछले 15 दिनों से लगातार उनसे रिश्वत मांगने के लिए फोन कर रहे हैं। उन्होंने कई बार मना भी किया, लेकिन बाबू पवन सेन का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने के लिए उन्हें ₹15,000 की रिश्वत देनी होगी।
सीएमओ ने किया बर्खास्त
नगर परिषद जेरोन के सीएमओ बहादुर अहिरवार ने बताया कि उन्हें कल इस ऑडियो क्लिप की जानकारी मिली। पुष्टि होने पर अंशकालिक बाबू पवन सेन की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गई हैं। सीएमओ ने कहा कि नगर परिषद में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री का सपना है कि हर गरीब के पास अपना घर हो।