टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में काले घने बादल छाए रहे और करीब सुबह 8 बजे से बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने आज दिनभर बारिश की संभावना जताई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर की कई कॉलोनियों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से रास्तों पर पानी भर गया।
बुधवार को सुबह से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। जिले में अब तक 11.2 इंच औसत बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी तारीख तक 37.9 इंच औसत बारिश हो चुकी थी। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस बार 26.7 इंच कम बारिश हुई है।
इस वर्ष मानसून देरी से आया और जून में बहुत कम बारिश हुई। हालांकि आषाढ़ माह की शुरुआत के बाद समय-समय पर हुई बारिश से खरीफ फसलों की स्थिति अच्छी बनी हुई है। जिले में करीब 90 प्रतिशत किसानों ने उड़द, मूंगफली, तिल और सोयाबीन की बोवनी कर दी है।
तहसीलवार बारिश का आंकड़ा
भू-अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, टीकमगढ़ तहसील में सबसे अधिक 438 मिलीमीटर यानी करीब 17.5 इंच बारिश हुई है। इसके अलावा बड़ागांव में 8.5 इंच, बल्देवगढ़ में 12 इंच, खरगापुर में 15 इंच, जतारा में 12 इंच, मोहनगढ़ में 7.5 इंच, पलेरा में 10 इंच और लिधौरा में सबसे कम 95 मिलीमीटर यानी करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई है।
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कम बारिश के चलते बान सुजारा बांध में करीब 31 प्रतिशत पानी ही भरा है। बांध प्रबंधन के अनुसार धसान नदी से पानी की आवक फिलहाल निरंक है और कम जलभराव के चलते बांध के सभी 12 गेट बंद हैं। जिले की नदियों और तालाबों में भी अभी पर्याप्त पानी नहीं आया है।
वहीं गुरुवार सुबह हुई बारिश के बाद टीकमगढ़ शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण इंद्रपुरी कॉलोनी सहित कई इलाकों में रास्तों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।