टीकमगढ़ जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवधाम कुंडेश्वर में शुक्रवार रात से ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई। यहां गणेश पूजन के साथ भगवान भोलेनाथ को तेल चढ़ाकर महाशिवरात्रि उत्सव का शुभारंभ किया गया। शनिवार को मंदिर परिसर में मंडप सजाया जाएगा और भगवान शिव को हल्दी अर्पित की जाएगी।
इस अवसर पर मंडप भोज का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। शिवधाम कुंडेश्वर ट्रस्ट के प्रधान पुजारी जमुना तिवारी महाराज ने बताया कि 15 फरवरी को भगवान शंकर को दूल्हा बनाकर भव्य बारात निकाली जाएगी। यह बारात पारंपरिक वाद्य यंत्रों और गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण करेगी। श्रद्धालु नृत्य करते हुए बारात में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन सुबह 4 बजे से भगवान भोलेनाथ का विशेष रुद्राभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में अलग-अलग लाइन की व्यवस्था रहेगी, जिससे दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। शाम के समय नंदी पर सवार होकर भगवान शिव की भव्य बारात निकाली जाएगी, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी।
इसी प्रकार शहर के नजरबाग प्रांगण में भी तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर के पुजारी सुरेंद्र मोहन द्विवेदी ने बताया कि यहां भी गणेश पूजन के साथ भगवान को तेल अर्पित किया गया है। शनिवार को संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा। साथ ही दूल्हा बने भगवान शिव को हल्दी चढ़ाई जाएगी और शिव-पार्वती विवाह की रस्में संपन्न होंगी।
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शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सुभाष पुरम कॉलोनी का गौ लोक धाम मंदिर, सिविल लाइन रोड स्थित केदारेश्वर शिवालय, जानकी बाग मंदिर, प्रतापेश्वर मंदिर, हवेली रोड का सिद्ध बाबा मंदिर, एमपीईबी कॉलोनी का शिव मंदिर तथा विजयराघव मंदिर पपौरा चौराहा सहित कई मंदिरों में भी विधि-विधान से शिव-पार्वती विवाह महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से शिवधाम कुंडेश्वर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भजन संध्या, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और धार्मिक आयोजन होंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव मिलेगा। प्रशासन भी सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक पर्व का आनंद ले सकें।