निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण का गंभीर मामला सामने आया है। धोर्रा स्थित पीआईएमएल कंपनी से निकलने वाले कथित दूषित पानी के कारण पास के नाले में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत होने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृत मछलियों की संख्या करीब 10 क्विंटल तक बताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी से निकलने वाला दूषित पानी नाले के माध्यम से बदरई नाले में पहुंच रहा है और आगे जामनी नदी में मिल रहा है। ऐसे में नदी के पानी के भी प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है।
मामले को लेकर समाजसेवी यशपाल यादव ने अपने साथियों के साथ पृथ्वीपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नाले और नदी के पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
समाजसेवी यशपाल यादव का कहना है कि दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत होना गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर जामनी नदी के पानी पर भी पड़ सकता है। नदी का पानी क्षेत्र के ग्रामीणों और मवेशियों के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदूषण फैलने से जलीय जीवों के साथ-साथ पशुओं और आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने और प्रदूषण के स्रोत की जांच करने की मांग की गई। समाजसेवी ने चेतावनी दी कि यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पृथ्वीपुर एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। अब प्रशासनिक जांच और पानी के नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मछलियों की मौत का कारण वास्तव में दूषित पानी है या नहीं। प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।