अखाड़ा परिषद उज्जैन ने संत सम्मेलन में अफसरों को बुलाकर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि अखाड़ों में स्थायी भवन जल्द बनाए जाएं ताकि सिंहस्थ में आने वाले संतों को अच्छी सुविधा मिल सके। इस कार्यक्रम में मेला अधिकारी आशीष सिंह (इंदौर कलेक्टर) ने कहा कि साधु-संतों के आशीर्वाद से सिंहस्थ 2028 भव्य और सफल होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मेले के सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे होंगे और यह पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
यह सम्मेलन गऊघाट पाल मार्ग पर महंत डॉ. रामेश्वरदास महाराज के जगदीश मंदिर आश्रम में हुआ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वरदास महाराज ने कहा कि सिंहस्थ के काम समय पर पूरे हों, शिप्रा नदी में गंदे नालों को रोकने का काम हो और सिंहस्थ 2004, 2016 की तरह इस बार भी अखाड़ों और आश्रमों में स्थायी निर्माण शासन की मदद से जल्द शुरू हों। मेला अधिकारी और कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि शासन से निर्देश लेकर जल्दी ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
अधिकारियों का संतों ने किया सम्मान
कार्यक्रम में मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एडीएम प्रथम कौशिक, निगम कमिश्नर आशीष पाठक और उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी का सभी संतों ने सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लिया। स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज और महामंत्री श्रीमहंत रामेश्वर गिरी महाराज ने नए अधिकारियों को शाल और श्रीफल देकर सम्मान किया और सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 के लिए शुभकामनाएं दीं।
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कार्यक्रम में कई प्रमुख संत मौजूद थे, जिनमें महानिवार्णी अखाड़ा के श्याम गिरी महाराज राधे राधे बाबा, आवाहन अखाड़े के सेवानंद गिरी महाराज, दिगम्बर अखाड़े के महंत रामचंद्र दास महाराज, निवार्णी अणि अखाड़े के महंत दिग्विजयदास महाराज, निरंजनी अखाड़े के महंत सुरेशानंदपुरी महाराज, जूना अखाड़े के महंत परमानंद गिरि महाराज, बलराम दास महाराज, दिग्विजय दास महाराज (बड़ा राम मंदिर), महेश दास महाराज आदि शामिल थे।
भव्य होगा इस बार का कुंभ
मेला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि इस बार का कुंभ पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और शानदार होगा। इसके लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपए के काम मंजूर हो चुके हैं। सड़क, पुल और दूसरे जरूरी काम हो रहे हैं। साथ ही एक स्थायी कुंभ सिटी भी बनाई जा रही है। इससे सिर्फ संत और श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि किसान और स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा।
अधिकारियों को दिया ज्ञापन
बैठक के बाद संतों और अधिकारियों ने साथ मिलकर प्रसादी ग्रहण की। स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को 14 मुद्दों पर ज्ञापन दिया है। इसमें नदी की सफाई, आश्रमों की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल हैं।