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Farmers in Amritsar burn Modi government's funeral pyre to protest against possible India-US deal
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भारत-अमेरिका संभावित डील के विरोध में अमृतसर में किसानों ने फूंकी मोदी सरकार की अर्थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे के विरोध में शुक्रवार को किसान मजदूर संघर्ष समिति, पंजाब ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर केंद्र सरकार की कृषि नीतियों और भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापारिक समझौते के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से मोदी सरकार की अर्थी फूंकी। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एमएसपी पर कानूनी गारंटी और भूमि संबंधी नीतियों को लेकर अपनी मांगें दोहराईं।
जिला प्रधान रणजीत सिंह कलेर बाला ने कहा कि देशभर के जिला मुख्यालयों पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जालंधर में किसान मजदूर संघर्ष समिति के जिला प्रधान सलविंदर सिंह जानिया को पुलिस ने उनके घर में नजरबंद कर दिया ताकि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कलेर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जालंधर दौरे के दौरान यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत-अमेरिका के संभावित समझौते से किसानों और मजदूरों को क्या लाभ मिलेगा। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार विदेशी कंपनियों के हित में कृषि क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी मांग एमएसपी पर कानूनी गारंटी है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कलेर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को केंद्र की कथित किसान विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करना चाहिए। उन्होंने राज्य की लैंड पूलिंग नीति को भी किसान विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। कलेर ने कहा कि किसान अपनी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और नीति वापस होने तक आंदोलन चलता रहेगा।
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