राजस्थान के कोटा जिले में रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के चार दोस्तों की मौत हो गई थी। घटना के बाद सोमवार को परिजनों की उपस्थिति में चारों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिए गए। सभी युवक घूमने के लिए निकले थे। मामले की जांच चेचट थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
मृतकों की पहचान और पारिवारिक जानकारी
चेचट थाने के एएसआई पुरुषोत्तम मीणा ने बताया कि मृतकों की पहचान लखनऊ निवासी 21 वर्षीय श्रेष्ठ बाजपेई, कानपुर निवासी 26 वर्षीय प्रांजुल चतुर्वेदी और 25 वर्षीय अंकुश दुबे तथा गोंडा जिला निवासी 20 वर्षीय अंश प्रताप सिंह के रूप में हुई है। हादसे के समय युवकों के मोबाइल पर उनके घरवालों के फोन आ रहे थे। जब पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर जानकारी जुटाई तो सामने आया कि परिवार को यह भी पता नहीं था कि वे किसके साथ गए हैं।
पढ़ें- ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार कार: भीषण हादसे में चार लोगों की गई जान, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मौत का तांडव
अंश प्रताप सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह दिल्ली में सीआरपीएफ में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि परिवार को जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा महाकाल उज्जैन कब चला गया। अंश दिल्ली में पढ़ाई करता था।
तेज रफ्तार की आशंका, सीसीटीवी फुटेज की जांच
पुलिस जांच और हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में सामने आया कि जिस कार में चारों युवक सवार थे, उसकी रफ्तार 120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी। सभी दोस्त मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने के बाद उत्तर प्रदेश लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। वहीं, पुलिस ने मृतकों के परिजनों से शिकायत लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।