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मुठभेड़ में ढेर हुआ मंसूरी...कैसे एक मामूली युवक बना यमुनापार का खौफ
Video Published by: पंखुड़ी श्रीवास्तव Updated Sat, 31 Jan 2026 01:10 PM IST
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जलेसर रोड पर अरबाज खान उर्फ मंसूरी ने दो साल पहले क्षेत्र में दबंगई दिखाने के लिए घर के बाहर ही युवक पर दो बार गोली चलाई थी। उसके साथी ने दुकानदार के बेटे को सिगरेट का धुआं फेंकने से मना करने पर पीटा था। इसके बाद मंसूरी ने गाली देने के विरोध पर एक व्यक्ति को पीटा था। इन घटनाओं में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थीं।
मंसूरी के खिलाफ थाना ट्रांस यमुना में पहली प्राथमिकी जलेसर रोड, टेढ़ी बगिया निवासी कमलेश देवी ने 10 फरवरी 2024 को दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में लिखा था कि बेटे रवि का दो दिन पहले नरेंद्र से सिगरेट के धुआं उड़ाने से मना करने पर विवाद हुआ था। नरेंद्र, विशाल, मंसूरी, आदिल सहित 8-10 अज्ञात लोगों ने रवि पर दो बार फायर किया। रवि के बच जाने पर लाठी-डंडे से हमला किया था। पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला आदि धाराओं में कार्रवाई की थी।
थाना ट्रांस यमुना में ही दूसरी प्राथमिकी मंसूरी के खिलाफ 29 अप्रैल 2024 को दर्ज हुई। इसमें महादेवी नगर के अकबर खान, अरमान, मंसूरी, विपिन, बादशाह और सोना खां को नामजद किया गया। प्राथमिकी महादेवी नगर निवासी तिलक सिंह ने लिखाई थी। आरोप लगाया कि आरोपियों ने गाली देने का विरोध करने पर मारपीट की। लोगों के आने पर वो बच सके। तीसरी प्राथमिकी भी बलवा और मारपीट की थी। उसका नाम राज की हत्या के मामले में भी बढ़ाया गया था। मुठभेड़ में पुलिस पर फायरिंग का भी आरोपी बनाया गया है।
लोगों ने बताया कि मंसूरी 4 भाई हैं। वो सबसे छोटा था। दो भाई अलग रहते हैं। मंसूरी और उसका बड़ा भाई हजरत एक साथ रह रहे थे। हजरत की ट्रांस यमुना इलाके में सैलून की दुकान है। तीन बहनों में से दो की शादी हो चुकी है। तीसरी मंसूरी के साथ रहती थी। परिवार 3 साल पहले ही शाह नगर बंबा, खंदाैली में रहने आए थे। वह मूल रूप से एटा के रहने वाले हैं। मंसूरी दसवीं तक पढ़ा था। मजदूरी करता था। इसी बीच वो क्षेत्र के रहने वाले बदमाशों के साथ रहने लगा। उसने क्षेत्र में दहशत कायम कर ली थी। इस कारण उससे कोई बात नहीं करता था। पड़ोस के लोग भी उसके घर नहीं जाते थे। उसके साथ रोजाना बाइक लेकर कई युवक आते थे। जहां चाहते थे, वहां पर खड़े हो जाते थे। कोई विरोध करता तो मारपीट पर उतारू हो जाते थे। 10 दिन से उसके घर का ताला लगा हुआ है। परिवार के सभी लोग भाग गए थे। मुठभेड़ की घटना के बाद मोहल्ले में कोई भी उसके बारे में कुछ नहीं बोल रहा था।
आशु तिवारी का भी आपराधिक इतिहास खंगाला गया। उस पर पहले से वर्ष 2023 में एक और 2024 में दो प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। थाना एत्माददाैला क्षेत्र में जानलेवा हमला बोला था। खंदाैली में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब उसके खिलाफ पुलिस पर हमले के मामले में कार्रवाई की गई। इसी तरह मोहित पर दो प्राथमिकी पुलिस पर हमले और तमंचा बरामदगी में दर्ज की गई हैं।
मंसूरी के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी पुलिस ने परिजन को दी। इस पर शाम तकरीबन 5 बजे पोस्टमार्टम हाउस पर मंसूरी की बहन आसमा, पिता शब्बीर खान के साथ उनके गांव के प्रधान उदयवीर यादव सहित कई लोग पहुंचे। मंसूरी के बहन और पिता फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें साथ आए लोगों ने संभाला। इस दौरान एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय फोर्स के साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि परिजन को पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्द कर दिया गया। मंसूरी के घर के बाहर भी पुलिस तैनात रही।
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