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अयोध्या में चंपत राय बोले- हम पराधीन रहे, लेकिन पराधीनता कभी स्वीकार नहीं की, लड़ते रहे
अयोध्या में तीर्थ क्षेत्र पुरम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सत्संग प्रतियोगिता का शुभारंभ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया। उन्होंने कहा कि जो समाज शत प्रतिशत राजसत्ता पर निर्भर हो जाता है, उस समाज की मृत्यु निश्चित है। भारत का समाज कभी भी राजसत्ता के अधीन नहीं रहा। हम पराधीन रहे, लेकिन पराधीनता कभी स्वीकार नहीं की लगातार लड़ते रहे। सरकार अपना काम करती है समाज का भी कुछ कर्तव्य होता है। उन्होंने कहा की कथाएं आज महंगी हो गई हैं धन संपन्न लोग ही कथा करा पा रहे हैं। इसलिए विहिप की जो कथाकार योजना है वह वनवासी क्षेत्र के समाज तक भी राम नाम का गुणगान कर पा रहे हैँ । कार्यक्रम में राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा, महंत रामशरण दास रामायणी, महंत राम अवतार दास, डॉक्टर सुनीता शास्त्री सहित नेपाल राष्ट्र व भारत के विभिन्न राज्यों से आए करीब 600 बनवासी समाज के लोग मौजूद रहे।
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