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VIDEO: सारस क्रेन संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों ने लिया “सारस मित्र” बनने का संकल्प
रूपईडीहा। सारस क्रेन के संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देव संस्कृतिग्रामोदय इंटर कॉलेज परिसर में एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल का नेतृत्व राष्ट्रपति पुरस्कृत पर्यावरणविद् अयुष वर्मा ने किया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से आए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण और जैव विविधता के महत्व को समझाने के साथ हुई। छात्रों को बताया गया कि सारस क्रेन, जो भारत का सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी है, वर्तमान में आवास की कमी, प्रदूषण और मानवीय हस्तक्षेप जैसी समस्याओं के कारण संकट का सामना कर रहा है। साथ ही यह भी बताया गया कि यह पक्षी पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के साथ भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।
विद्यालय के प्राचार्य शुभम श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने छात्रों से पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने और जीव-जंतुओं की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की।
कार्यक्रम में बॉर्डर ग्रीन डेवलपमेंट फेडरेशन के प्रतिनिधि वरुण श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सारस क्रेन संरक्षण के लिए किए जा रहे जमीनी प्रयासों और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को “सारस मित्र” बनकर इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रों ने सारस क्रेन और पर्यावरण संरक्षण विषय पर अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रिंस ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विशेष सम्मान हासिल किया।
कार्यक्रम में कई छात्रों को “सारस मित्र” के रूप में नामित किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्र में संरक्षण और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। विभिन्न जागरूकता गतिविधियों, संवाद सत्रों और चर्चाओं के माध्यम से छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अंत में अयुष वर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभियान से प्रेरित होकर अधिक लोग सारस क्रेन और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएंगे।
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