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यूपी में अंडों की मांग-उत्पादन में भारी अंतर, गोंडा में पोल्ट्री कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश में अंडों की बढ़ती मांग और तुलनात्मक रूप से कम उत्पादन के बीच अब पोल्ट्री कारोबार को बढ़ावा देने की व्यापक तैयारी है। इस दिशा में मंगलवार को देवीपाटन मंडल के गोंडा जिला पंचायत सभागार में एक मंडल स्तरीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव एवं कुक्कुट निवेश सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों और किसानों को पोल्ट्री उद्योग की अपार संभावनाओं, सरकारी योजनाओं, बैंक ऋणों, सब्सिडी और आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था। इस महत्वपूर्ण आयोजन में आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पशुपालन निदेशालय के उपनिदेशक (कुक्कुट), डॉ. बृजेश त्रिपाठी ने सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 3.5 से 4 करोड़ अंडों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में उत्पादन करीब दो करोड़ के आसपास ही है। यह मांग और उत्पादन के बीच एक बड़ा अंतर है, जिसे पाटने के लिए सरकार कुक्कुट विकास नीति-2022 के तहत पोल्ट्री कारोबार को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। डॉ. त्रिपाठी ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंडा न केवल सस्ता बल्कि उत्कृष्ट प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। इसलिए, इसके उत्पादन में वृद्धि से प्रदेश की जनता के पोषण स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में आधुनिक ब्रॉयलर और लेयर पालन की विधियों, कुक्कुट पोषण, प्रभावी आहार प्रबंधन, जैव सुरक्षा के उपायों और उत्पादन लागत को कम करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नाबार्ड और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने उद्यमियों और किसानों को ऋण और वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुक्कुट उद्यमियों और किसानों को सम्मानित भी किया गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में अपर निदेशक डॉ. अरविंद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, डॉ. अनिल कुमार और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि कुमार शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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