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समाधान योजना का लाभ लिया है तो आईटीसी करनी होगी वापस
कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से सोमवार को सिविल लाइंस स्थित सभागार में जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमन्यता और रिवर्सल विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई कारोबारी सामान्य कर व्यवस्था से समाधान योजना में जाता है। तो उसे स्टॉक, पूंजीगत वस्तुओं पर ली आईटीसी वापस करनी होगी। जॉब वर्क के मामलों में एक वर्ष (पूंजीगत वस्तुओं के लिए तीन वर्ष) के भीतर वस्तु की वापसी न होने पर उसे बिक्री माना जाएगा। और उस पर जीएसटी देना होगा।
मुख्य वक्ता, सीए गोविंद महेश्वरी ने कहा कि यदि जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्राप्त कर लिया जाता है। तो इस अवधि के दौरान खरीदे गए कच्चे माल, अर्द्ध-निर्मित एवं तैयार माल पर आईटीसी का लाभ मिलेगा। स्वैच्छिक पंजीकरण की स्थिति में भी पंजीकरण तिथि पर स्टॉक में आईटीसी का लाभ लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई वस्तु पूर्व में करमुक्त थी और बाद में उसे कर योग्य दायरे में लाया जाता है। तो उस पर स्टॉक में निहित आईटीसी प्राप्त की जा सकती है। इन सभी स्थितियों में आईटीसी का लाभ प्राप्त करने के लिए फॉर्म आईटीसी 01 पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है। यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी खरीद की इनवॉइस तिथि से एक वर्ष के भीतर ही आईटीसी का दावा किया जा सकता है। व्यवसाय के विक्रय, विलय अथवा विभाजन की स्थिति में आईटीसी को निर्धारित शर्तों के अधीन नए कारोबारी को हस्तांतरित किया जा सकता है। जिसके लिए फॉर्म अईटीसी दो पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है।
गोष्ठी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि आईटीसी का लाभ लेना जीएसटी अधिनियम की धारा 16 के तहत निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर निर्भर करता है। करमुक्त वस्तुओं के निर्माण में प्रयुक्त इनपुट, मोटरकार, खाद्य एवं पेय पदार्थ, क्लब एवं फिटनेस सेंटर, तथा आग, चोरी या क्षति की स्थिति में आईटीसी का लाभ नहीं मिलेगा। इन परिस्थितियों में आईटीसी का रिवर्सल करना आवश्यक है। अन्यथा विभाग की ओर से कर, ब्याज और पेनाल्टी लगाई जा सकती है। इस मौके पर प्रदीप द्विवेदी, सीए शरद सिंघल, मनीष श्रीवास्तव, शशि बाजपेयी, हरजीत लांबा, विमल बाजपेयी, अवनीश मिश्रा, शिशिर शुक्ला, संजय गुप्ता, बसंत लाल गुप्ता, पवन गुप्ता, सुनील पॉल, गोपाल गुप्ता, अजय गुप्ता, संतोष मिश्रा, राज कमल गुप्ता, अमित गुप्ता आदि थे।
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