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पीलीभीत टाइगर रिजर्व: जंगल से सटे इलाकों में हाथियों का आतंक, विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बताए बचाव के तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 04 Apr 2026 05:05 PM IST
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे गांवों में जंगली हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग गंभीर हो गया है। हाथियों से बचाव के लिए वन विभाग ने कर्नाटक के विशेषज्ञों की मदद ली है। विशेषज्ञों ने माला और महोफ रेंज में हाथियों से प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भगाने के उपाय बताए हैं।
पीलीभीत रेंज के मरौरी सेक्शन में करीब तीन माह से पीटीआर की माला और महौफ रेंज के आसपास दो जंगली हाथियों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। बीते तीन दिनों से इन हाथियों के ग्राम महुआ और सिरसा सरदाहा की कृषि भूमि में पहुंचने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कर्नाटक से आए हाथी मॉनिटरिंग एक्सपर्ट डॉ. रुद्रादित्य के साथ पीलीभीत रेंज स्टाफ ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर खेतों में मौजूद हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की तकनीकों का प्रयोग भी किया।
इन गांवों के आसपास घूम रहे हाथी
गजरौला क्षेत्र में माला रेंज से सटे गांव सिरसा सरदाहा, सहराई और महुआ इस समय हाथियों से सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीलीभीत सामाजिक वानिकी स्टाफ और वन्यजीव चिकित्सक डॉ. रुद्रा द्वारा गांव में चौपाल आयोजित की गई। चौपाल के दौरान किसानों और ग्रामीणों को जंगली हाथियों से बचाव के उपाय बताए गए।
उन्हें समझाया गया कि हाथियों के नजदीक न जाएं, समूह में रहें और वन विभाग को तुरंत सूचना दें। साथ ही हाथियों को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल की ओर मोड़ने के पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर डिप्टी रेंजर शेर सिंह, वनरक्षक अमित तिवारी सहित सामाजिक वानिकी विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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