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VIDEO : रायबरेली में बोरी नहीं... तो कहीं सचिव नदारद, कैसे हो खरीद?
रायबरेली में धान खरीद में सुस्ती छाई है। डीह, परशदेपुर में तो चार दिन से खरीद बंद है। वहीं 9700 किसानों का धान पंजीकरण कराने के बाद भी क्रय केंद्रों पर नहीं आ सका है। खरीद में तेजी से लिए 29 क्रय केंद्रों पर कांटें भी बढ़ाए गए हैं, लेकिन कई केंद्रों पर बोरे नहीं हैं।
साथ ही बाजार भाव में भी तेजी आ गई है। प्रशासनिक स्तर पर बाजार पर कोई नजर नहीं रखी जा रही है। इससे बिचौलिए और व्यापारी खेल कर रहे हैं। इस तरह पिछले साल बाजार भाव पर नहीं नजर न रखने से खरीद लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकी थी तो इस बार भी हालात ऐसे ही बनने लगे हैं।
डीह ब्लॉक के साधन सहकारी समिति डीह में खुले धान खरीद केंद्र में बोरी न मिलने और केंद्र पर पड़े धान की उठान न होने के कारण चार दिन से धान की खरीद बंद है और धान बेचने के लिए किसान केंद्र के चक्कर काट रहे हैं । साधन सहकारी समिति डीह में अब तक 96 किसानों से 4896 कुंतल धान की खरीद की गई है।
3700 कुंतल धान का उठान ठेकेदार द्वारा नहीं किया गया जिससे केन्द्र पर धान डंप है केंद्र प्रभारी बीर बहादुर सिंह ने बताया कि चार दिन से आनलाइन बोरी नहीं मिली, इससे खरीद बंद है। खरीदे गये धान का उठान न होने के कारण केंद्र पर धान में डंप पड़ा है। इसको ताकना पड़ रहा है।
परशदेपुर क्षेत्र के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पद्मनपुर बिजौली में चार दिन से बोरी न होने के कारण धान की तौल बंद है। वहीं बृहस्पतिवार को समिति पर सन्नाटा छाया रहा। सचिव समिति में ताला बंद कर गायब थे। कुछ देर बाद पहुंचे चौकीदार राम बहादुर ने बताया की आज सचिव नहीं आए और समिति पर बोरी भी नहीं है।
ऊंचाहार किसानों को एमएसपी का लाभ दिलाने के लिए ऊंचाहार व रोहनिया ब्लाक में 9 क्रय केंद खोले गये हैं। इन केंद्रों पर लगभग 1.50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन, बाजार में धान का भाव एमएसपी के बराबर पहुंचने से किसानों ने खरीद केंद्रों से दूरी बना ली है। हालात यही रहे तो खरीद दिसंबर माह में ही समाप्त हो जाएगी और लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा।
विपणन निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि बाजार में धान का भाव तेज होने के चलते केंद्रों पर किसान कम आ रहे हैं। जिसके चलते लक्ष्य पूरा कर पाना मुश्किल लिए रहा है।
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