आमतौर पर होली का नाम आते ही जेहन में गुलाल, पक्के रंग और फूलों की तस्वीरें उभरती हैं, लेकिन हरियाणा के करनाल में भक्ति और मिठास की एक ऐसी होली खेली गई जिसने ब्रज की याद दिला दी। शहर की गोबिंद कॉलोनी स्थित मां झंडेवाली मंदिर में बुधवार शाम को 'लड्डू होली महोत्सव' का भव्य आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने रंगों की जगह लड्डुओं से होली खेलकर खुशियां बांटीं।इस अनूठे उत्सव का नजारा बेहद भावुक और भक्तिपूर्ण था। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे के गालों पर गुलाल नहीं, बल्कि लड्डू रगड़कर होली की शुभकामनाएं दीं। उत्सव की खास बात यह रही कि लोग न केवल लड्डू एक-दूसरे पर न्योछावर कर रहे थे, बल्कि प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को खिलाकर आपसी सौहार्द का संदेश भी दे रहे थे। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण राधा-कृष्ण के प्रेम और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भजन गायक आशीष और मोहिंद्र कुमार ने जब ‘हम तो राधे-राधे गाएंगे, बरसाने में होली मनाएंगे’ और ‘आज ब्रज में होली रे रसिया’ जैसे सुप्रसिद्ध भजन छेड़े, तो श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। पूरा मंदिर परिसर 'राधे-राधे' के जयकारों से गूंज उठा। लड्डुओं और फूलों की वर्षा के साथ देर शाम तक चले इस महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह रिश्तों में मिठास घोलने और आपसी प्रेम बढ़ाने का पर्व है। कार्यक्रम के समापन पर सभी भक्तों के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस आयोजन ने करनाल वासियों को भक्ति और उल्लास के एक नए अनुभव से सराबोर कर दिया।