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हरियाणा सरकार ने ही दमकल कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने के लिए किया मजबूर- उपप्रधान जगविंदर सिंह
हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की राज्यव्यापी हड़ताल गुरुवार को 31वें दिन भी जारी रही। दमकल केंद्र पर आयोजित धरने की अध्यक्षता उपप्रधान जगविंदर सिंह ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रिंकू कुमार ने किया। इस दौरान यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के नियमित, पे-रोल और कौशल निगम के दमकल कर्मचारी अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर 8 अप्रैल से लगातार हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से पे-रोल दमकल कर्मचारियों के वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है और कई जिलों में कर्मचारी मात्र 16 हजार रुपये मासिक वेतन पर जोखिम भरा कार्य करने को मजबूर हैं।
गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने फायर विभाग और उसमें कार्यरत कर्मचारियों का मजाक बनाकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दमकल और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सरकार की नीतियों की पोल खुल रही है। एक ओर दमकल कर्मचारी आंदोलनरत हैं तो दूसरी ओर प्रदेश के लगभग 35 हजार सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं, जिससे शहरों में कूड़े के ढेर लग गए हैं और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। सरकार दमनकारी नीतियों के सहारे आंदोलनों को कमजोर करना चाहती है, लेकिन कर्मचारी एकजुट हैं और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। यूनियन ने मांग की कि फरीदाबाद में दिवंगत दोनों दमकल कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देकर उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही कच्चे दमकल कर्मचारियों को वन टाइम पॉलिसी के तहत पक्का किया जाए तथा उन्हें 25,500 रुपये मूल वेतन, 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जाएं।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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