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VIDEO: ब्लड सेंटर की लापरवाही से युवक की मौत का आरोप, पुलिस पर भी उठे सवाल
कल्याणपुर पश्चिम स्थित एक निजी ब्लड सेंटर पर युवक का अत्यधिक रक्त निकालने और हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाय सड़क किनारे छोड़ देने का गंभीर आरोप लगा है। मृतक के परिजनों ने ब्लड सेंटर संचालकों के साथ-साथ गुडंबा पुलिस पर लापरवाही बरतने और कार्रवाई में देरी करने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर परिवार में भारी आक्रोश है।
अलीगंज के उस्मानपुर निवासी सुंदरी देवी के मुताबिक, उनका पेंटर बेटा राहुल राजपूत (28) नौ मई की सुबह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। दो दिन तक कोई जानकारी न मिलने पर 12 मई को परिवार अलीगंज थाने पहुंचा, जहां गुमशुदगी दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। परिजनों के अनुसार, 14 मई को केजीएमयू में एक लावारिस शव मिलने की सूचना मिली। वहां पहुंचने पर शव की पहचान राहुल के रूप में हुई। परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में जानकारी मिली कि नौ मई को गुडंबा पुलिस को रामधरम कांटा के पास राहुल अचेत अवस्था में मिला था।
मृतक के परिजनों ने 15 मई को रामधरम कांटा के सामने स्थित एक कोचिंग संस्थान की सीसीटीवी फुटेज देखी। आरोप है कि फुटेज में ब्लड सेंटर के दो कर्मचारी राहुल को सहारा देकर लाते दिखाई दे रहे हैं। राहुल लड़खड़ाते हुए चल रहा था। कुछ देर बाद दोनों कर्मचारी उसे सड़क किनारे छोड़कर दूर खड़े हो गए। परिवार का आरोप है कि युवक की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया गया।
परिजनों ने बताया कि जब वे पुलिस के साथ ब्लड सेंटर पहुंचे तो कर्मचारियों ने डॉक्टर के मौजूद न होने का हवाला देते हुए सीसीटीवी फुटेज दिखाने से इनकार कर दिया। देर शाम दोबारा जाने पर कहा गया कि 12 मई से पहले की फुटेज उपलब्ध नहीं है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके सामने प्रस्तुत रक्तदाताओं के रजिस्टर में तारीखों के साथ काटछांट की जा रही थी। मृतक की मां का आरोप है कि राहुल का जरूरत से ज्यादा खून निकाल लिया गया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। समय रहते इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
परिवार ने गुडंबा पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और जिम्मेदार लोगों को साक्ष्य मिटाने का मौका मिल गया। परिजनों ने चौकी प्रभारी टेढ़ी पुलिया फणीश सिंह व इंस्पेक्टर गुडंबा पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। मृतक परिवार ने ब्लड सेंटर संचालकों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने इस सम्बंध में इंस्पेक्टर गुडंबा व चौकी प्रभारी टेढ़ी पुलिया फणीश सिंह को ब्लड बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखने के निर्देश दिए हैं।
दलाल के जरिए ब्लड सेंटर पहुंचा था राहुल
परिजनों और राहुल के एक करीबी दोस्त के मुताबिक मृतक राहुल नशे का आदी था। राहुल के ई-रिक्शा चालक दोस्त ने बताया कि कुछ समय पहले वह और राहुल एक दलाल के माध्यम से ब्लड सेंटर के संपर्क में आए थे। ब्लड देने के बदले दोनों को एक-एक हजार रुपये दिए गए थे। दोस्त का आरोप है कि सेंटर में जरूरत से ज्यादा खून निकाला जाता था। उसने बताया कि पहली बार ब्लड देने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते वह दोबारा सेंटर नहीं गया। वहीं राहुल नशे की लत के कारण पैसों के लिए अक्सर ब्लड सेंटर जाता रहता था।
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