मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के पाटी विकासखंड में 85 लाख रुपए के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में कई निर्माण कार्य घटिया या अधूरे पाए गए हैं जिन्हें गुणवत्तापूर्ण बात कर उसके नाम पर बिलों में धान लेकर राशि निकाल ली गई, जिसके जांच जिला पंचायत के सीईओ के निर्देश पर की गई थी इसके बाद अब इस मामले में गांव के सरपंच समेत कुल 9 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है जिसमें और भी राशि बढ़ाने की आशंका है साथ ही इस मामले में आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है।
बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत सेमलेट में विकास कार्यों में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां जिला पंचायत सीईओ काजल ज्वाला के निर्देश पर की गई जांच में अब तक करीब 85 लाख रुपए का गबन पाया गया है। यही नहीं, इस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। यहां कुछ निर्माण कार्य घटिया पाए गए हैं, तो कई कार्यों के काम ही अधूरे मिले हैं। इतना ही नहीं, कई निर्माण कार्य तो सिर्फ कागजों में ही दिखाए गए हैं। इसके साथ ही पोर्टल पर अपलोड किए गए बिलों की धुंधली कॉपी या खाली पेज अपलोड कर राशि निकाल ली गई। बता दें कि, इस मामले की जांच के दौरान सीईओ ज्वाला ने खुद मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया था। उन्होंने 2017 से लेकर अब तक के सभी निर्माण कार्यों की जांच के लिए एक टीम गठित की है, जिसकी जांच अभी जारी है, और माना जा रहा है कि इस घोटाले की राशि और भी बढ़ने की संभावना है।
इस पूरे मामले में पाटी जनपद सीईओ ने पाटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें सरपंच शायदा बाई सोलंकी, उमराव सिंह सोलंकी सरपंच पति, तुलसीराम सस्ते ग्राम पंचायत सचिव और 6 वेंडर्स जिनमें रवि वानखेड़े, जावेद खान, रूबीक ट्रेडर्स, हुतैब ट्रेडर्स, सोलंकी कृषि फार्म, हर्ष ट्रेडर्स शामिल हैं, इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं माना जा रहा है कि, पाटी जनपद की अन्य पंचायतों में भी ऐसी ही स्थिति है। जिसको लेकर जिला प्रशासन इन पंचायतों की भी जांच कर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। वहीं पाटी जनपद पंचायत सीईओ काजल ज्वाला ने बताया कि, इस मामले की जांच में जिनके भी नाम सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई होगी, और गबन की राशि भी वसूल की जाएगी। इधर पाटी थाना प्रभारी रोहित पाटीदार ने बताया कि इस केस से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।