झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट इन दिनों अपने निरीक्षणों को लेकर चर्चाओं में है। लेकिन सोमवार को जिला चिकित्सालय में किया गया निरीक्षण रोचक बन गया।
कलेक्टर ने स्वयं स्टेथोस्कोप लगाकर मरीजों को चेक किया और मरीजों को सौहार्दपूर्ण माहौल में स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां और हिदायद दी। यही नहीं इस दौरान उपस्थित चिकित्सकों से कलेक्टर ने मरीजों को मिल रहे मेडिकल ट्रीटमेंट के बारे में जानकारियां ली। निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने सिकल सेल एवं एनीमिया से पीड़ित मरीजों से मुलाकात कर की, जहां उन्होंने उपचार और दवाइयों की उपलब्धताकी जानकारी ली और चिकित्सकों को पूरी संवेदनशीलता के साथ इलाज करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि डॉ. योगेश तुकाराम भरसट स्वयं एमबीबीएस तथा एमडी है। वे IAS बैच 2017 के अधिकारी हैं और IAS बनने से पहले वे एक फिजिशियन (जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ) के रूप में प्रशिक्षित डॉक्टर रहे हैं।
बाद में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर ने स्वयं स्टेथोस्कोप अपने कानों में लगाया और सहज भाव से मरीजों के हाल-चाल पूछने लगे तो मरीज और उनके अटेंडरों में प्रशासन के प्रति एक विश्वास देखने को मिला।
गोरतबल है कि निरीक्षण के दौरान यह कोई पहला मौका नहीं है जब कलेक्टर ने स्वयं मरीजों का परीक्षण किया हो। पहले भी कलेक्टर अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान स्वयं को स्टेथोस्कोप लगाने से नहीं रोक पाए। कलेक्टर का स्टेथोस्कोप वाला यह चेहरा शासकीय अस्पतालों पर भरोसे के साथ अब आम नागरिकों को सकून दे रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न वार्डों, उपचार कक्षों, अस्पताल में संचालित सुविधाओं का अवलोकन करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भर्ती वार्ड में अत्यधिक संख्या में विजिटर्स की मौजूदगी पर कलेक्टर ने नाराज की व्यक्त करते हुए विजिटर के प्रवेश का समय निर्धारित करने के निर्देश भी अस्पताल प्रबंधन को दिए।
ये भी पढ़ें- Live MP Assembly Session live: एमपी में अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा,राम से रहीम तक सब एक होंगे-सीएम मोहन यादव
इसके बाद उन्होंने रसीद काउंटर, दवा वितरण काउंटर, आयुष्मान कार्ड सेंटर, ओपीडी, वृद्धजन वार्ड, कैंसर वार्ड, शासकीय आयुष विंग, पंचकर्म थेरेपी सेंटर और नेत्र वार्ड का दौरा किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड तेजी से बनाने और मरीजों को बिना किसी अनावश्यक प्रतीक्षा के त्वरित सेवाएं देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नवीन भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और समय-सीमा की समीक्षा करते हुए इसे तय मानकों के अनुसार जल्द पूरा करने और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को पुख्ता रखने के निर्देश दिए।