चंबल नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं पर शिकंजा कसा है। मध्य प्रदेश पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग और एसएएफ की संयुक्त टीम ने थाना सरायछोला क्षेत्र के रिठौरा घाट पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध रूप से जमा रेत को नष्ट कर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रिठौरा घाट पर अवैध रूप से उत्खनन कर भंडारित की गई करीब 5300 ट्रॉली रेत का नष्टीकरण किया गया। यह मात्रा लगभग 10,600 घनमीटर बताई जा रही है। नष्ट की गई रेत की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। इस संयुक्त अभियान में करीब 25 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। वहीं वन विभाग, राजस्व विभाग और खनिज विभाग के लगभग 15 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कार्रवाई में भाग लिया। प्रशासन ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से अवैध रेत भंडारण को नष्ट कराया।
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अधिकारियों का कहना है कि चंबल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत कारोबार सक्रिय है, जिस पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग के देवरी अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि जिलेभर में अवैध रेत परिवहन, उत्खनन और भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि भ्रमण के दौरान जीगनी गांव में अवैध रेत भंडारण की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने वहां करीब 25 ट्रॉली रेत नष्ट की और रेत लोड करने में इस्तेमाल किया जा रहा लोडर ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया। हालांकि चालक मौके से फरार हो गया।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और अवैध रेत कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई के बाद रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।