केंद्र सरकार द्वारा 2026 की जनगणना के साथ जातिगत जनगणना कराने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने इसे अपने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की वैचारिक जीत करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय भाजपा सरकार के लंबे विरोध के बावजूद राहुल गांधी के लगातार संघर्ष और दबाव का परिणाम है। इसी विषय को लेकर स्थानीय सर्किट हाउस में कांग्रेस द्वारा एक पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी नेताओं ने इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और संभागीय मीडिया प्रभारी अमित तांवरे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह, पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा, अमृतलाल यादव, त्रिभुवन प्रताप सिंह, अशोक गौंटिया, संतोष सिंह, ओमप्रकाश सोनी, विजेंद्र सिंह अब्बू, शकुंतला धुर्वे, राजीव सिंह बघेल, अयाज खान, ताजेंद्र सिंह सहित अनेक कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में केंद्र सरकार के फैसले को ऐतिहासिक और सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की दूरदर्शिता, संघर्ष और जनहित के प्रति उनकी अडिग प्रतिबद्धता ने यह संभव बनाया। पटवारी ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि जनहित के लिए की गई लड़ाई का नतीजा है, जिसने भाजपा सरकार को बार-बार घुटने टेकने पर मजबूर किया।
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अमित तांवरे ने कहा कि भाजपा ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों की हमेशा उपेक्षा की, फिर चाहे वह जीएसटी हो, कोरोना संकट, आर्थिक मंदी, कृषि कानून या फिर अब जातिगत जनगणना। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने समय-समय पर देशहित में चेतावनियां दीं, लेकिन भाजपा ने उनका मजाक उड़ाया। बाद में वही फैसले केंद्र को लेने पड़े, जिनकी भविष्यवाणी राहुल गांधी ने पहले कर दी थी।
पूर्व विधायक अजय सिंह ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज देश और खासकर मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सरकारी संस्थानों का निजीकरण हो रहा है, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, और भाजपा सरकार जन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए रोज नए-नए नाटक कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी 8 मई को जिला मुख्यालय उमरिया में 'संविधान बचाओ रैली' का आयोजन करेगी। यह रैली जन अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए आयोजित की जा रही है।