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Kota News: Only Three Officials Monitoring 1100 Schools; Minister Orders Immediate Repairs
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Kota News: तीन अफसरों के भरोसे 1100 स्कूलों की निगरानी, ऊर्जा मंत्री ने जताई चिंता, तुरंत मरम्मत के निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Tue, 10 Feb 2026 04:56 PM IST
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प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को इंद्र विहार स्थित अपने आवास पर स्कूल शिक्षा, समसा, पीडब्ल्यूडी और पंचायत समिति से जुड़े अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में स्कूल भवनों में हो रही लीकेज, सीपेज और छत से पानी टपकने की समस्याओं के स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए। साथ ही अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त स्कूलों के मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई।
मंत्री नागर ने कहा कि आपदा राहत मद के तहत प्रत्येक स्कूल को मरम्मत के लिए 2 लाख रुपये जारी किए गए हैं। ये कार्य पीडब्ल्यूडी, समसा और पंचायत समिति के माध्यम से कराए जा रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरों को निर्माण कार्यों की व्यापक मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों की छत पर वॉटर प्यूरीफायर लगाने का कार्य अलग एजेंसी को सौंपा जाए। साथ ही बरसात से पहले छतों की मरम्मत और सफाई सुनिश्चित की जाए। छतों पर पानी जमा न हो, इसके लिए पोर्टेबल सीढ़ियों की व्यवस्था करने को भी कहा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और सभी कार्य समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।
बैठक में समसा अधिकारियों ने बताया कि सिविल वर्क की मॉनिटरिंग के लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ उपलब्ध नहीं है। कोटा जिले में लगभग 1100 स्कूलों की देखरेख के लिए केवल एक एईएन और दो जेईएन कार्यरत हैं, जिससे करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी करना कठिन हो रहा है।
इस पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्य सचिव से फोन पर चर्चा की और समसा में इंजीनियरों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा मंत्री से भी पूर्व में आग्रह किया जा चुका है और मुख्यमंत्री से भी चर्चा कर स्थायी मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में पंचायत समिति सुल्तानपुर की बीडीओ भानुमौली मौर्य, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अंकित बिंदल, दिनेश धाकड़, एडीपीसी आदित्य विजय, सीबीईओ सांगोद, सीबीईओ सुल्तानपुर सहित समसा के एईएन और जेईएन उपस्थित रहे।
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