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गोंडा में जीआरपी सिपाही के पैर गंवाने के मामले की होगी जांच
गोंडा में जीआरपी सिपाही आकाश सिंह के साथ हुई दर्दनाक घटना अब सिर्फ एक हादसा नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे पुलिस सिस्टम और ड्यूटी मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक तरफ कर्तव्य निभाते हुए सिपाही की बहादुरी लोगों को भावुक कर रही है, तो दूसरी ओर विभागीय लापरवाही की परतें भी धीरे-धीरे खुलने लगी हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि हिरासत से भागे आरोपी को पकड़ने के लिए सिपाही आकाश सिंह अकेले ही क्यों दौड़े?। वहां पर मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों की क्या भूमिका रही। जहां एक ओर आकाश सिंह की बहादुरी की मिसाल दी जा रही है, वहीं यह घटना पुलिस सिस्टम की कमजोरियों को भी उजागर करती है। अगर टीम वर्क बेहतर होता, निगरानी पुख्ता होती। आरोपी को भागने का मौका नहीं मिलता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगी। दरअसल, मंगलवार की रात मारपीट के आरोप में पकड़े गए सुनील कुमार के थाने से भागते समय पकड़ने के प्रयास में सिपाही आकाश सिंह के दोनों पैर कट गए थे।
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