{"_id":"678151fd544158ac130b4472","slug":"video-rayabral-ma-agaraja-bharata-tha-uugdhana-aaja-varana-paugdha-ikachhanaya-havaii-patata","type":"video","status":"publish","title_hn":"VIDEO : रायबरेली में अंग्रेज भरते थे उड़ान, आज वीरान पड़ी इकछनिया हवाई पट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO : रायबरेली में अंग्रेज भरते थे उड़ान, आज वीरान पड़ी इकछनिया हवाई पट्टी
रायबरेली में जिस इकछनिया हवाई पट्टी पर कभी अंग्रेज प्लेन उड़ाते थे, वह आज वीरान पड़ी है। महिलाएं पट्टी पर कंडे पाथ रही हैं तो किसानों ने उसे खलिहान बना दिया है। यहां तक मिट्टी ढोने के लिए डंपर दौड़ रहे हैं। अब इस हवाई पट्टी को विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। ऐसे में इकछनिया व आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की उम्मीद जगी है कि जल्द इस हवाई पट्टी को विकसित किया जाएगा और उनके गांवों की तस्वीर बदलेगी। अंग्रेजों की हुकूमत में द्वितीय विश्व युद्व के दौरान जिले के सदर तहसील क्षेत्र के इकछनिया गांव में हवाई अड्डा बना था। बताते हैं कि 1939 में युद्व की जरूरतों को देखते हुए यह हवाई अड्डा बना था।
राष्ट्रीय हवाई अड्डा विकास योजना 2027 के तहत इकछनिया हवाई पट्टी को विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इस कार्य की जिम्मेदारी कानपुर हवाई अड्डे को सौंपी गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, कानपुर हवाई अड्डा के निदेशक संजय कुमार की ओर से मांगी गई सूचना को जिला प्रशासन की तरफ से भेजा गया है। इसमें हवाई पट्टी की कितनी जमीन है, उसके आसपास कौन-कौन से गांव हैं, कोई जमीन का विवाद तो नहीं हैं,आदि सूचनाएं मांगी थी। मौजूदा समय की बात करें तो इस हवाई अड्डा पर कंडे पाथे जा रहे हैं। लोगों ने पट्टी पर पैरा रखकर उसे खलिहान बना दिया है। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए मिट्टी ढोने का कार्य डंपर से इसी पट्टी से किया जा रहा है। इससे हवाई पट्टी क्षतिग्रस्त भी हो रही है। यह हवाई पट्टी करीब ५०० बीघा में है।
ग्रामीण बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी हवाई अड़्डे से उड़ान भरी थी। उनके साथ राजीव गांधी व संजय गांधी भी थे। वर्ष 1937 में हवाई पट्टी बनाने का कार्य शुरू कराया गया था। 1942 में यह हवाई पट्टी बनकर तैयार हुई थी। ग्रामीण बताते हैं कि एक समय हवाई पट्टी पर प्लेन उड़़ाए जाते थे। आज हवाई पट्टी वीरान है। उनके गांव की चहल-पहल भी गायब है। हवाई पट्टी विकसित होने की जानकारी मिली है। इस खबर से राहत है कि कम से कम हवाई पट्टी को विकसित किए जाने के बारे में कम से कम सरकार ने सोचा तो है।
इकछनिया, कंचौैदा, सरायं मो. शरीफ, नवाबगंज, ओनी कमान, सान्हूं कुआं, भांव, जमालपुर नानकारी, ओनी कोपा गांव पड़ते हैं। कहा जा रहा है कि छह माह में सारी प्रक्रिया करने के बाद एयरपोर्ट का कार्य शुरू कराने की तैयारी है। हवाई पट्टी की जमीन के अलावा अन्य जमीन की जरूरत भी बताई जा रही है। इसके लिए जल्द ही किसानों की जमीन अधिगृहीत का कार्य भी शुरू होगा। एसडीएम सदर प्रफुल्ल शर्मा के मुताबिक हवाई पट्टी से संबंधित जो भी सूचना मांगी गई थी, उसे भेज दिया गया है। हवाई पट्टी विकसित करने का कार्य कब शुरू होगा, इसकी जानकारी नहीं है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।